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बिहार
रामगढ़वा के सिहोरवा गांव के समीप गंडक विभाग की लापरवाही का मामला उजागर, गांव में बे मौसम बाढ़ आ गई
By Deshwani | Publish Date: 7/1/2024 8:51:32 PM
रामगढ़वा के सिहोरवा गांव के समीप गंडक विभाग की लापरवाही का मामला उजागर, गांव में बे मौसम बाढ़ आ गई

मोतीहारी। अनिल कुमार। रामगढ़वा प्रखंड क्षेत्र के सिहोरवा गांव के समीप गंडक विभाग की लापरवाही का मामला उजागर हुआ है। त्रिवेणी कनाल का किवाड़ा गिरा था और नहर में शनिवार की रात्रि अचानक पानी आ गया। पहले से क्षतिग्रस्त तटबंध पर पानी का दबाव बना और नहर का पूर्वी किनारे में सिहोरवा गांव की तरफ बढा कटाव हो गया और देखते ही देखते पूरा खेत जलमग्न हो गया। स्थानीय लोगों व पूर्व जिला पार्षद प्रत्याशी अश्वनी कुमार वार्ड सदस्य रितेश झा इत्यादि ने बताया कि इस गांव में बे मौसम बाढ़ आ गई है। 

 
 
 
 
जिससे सौ बीघा से ज्यादा भूमि पर लगे गेहूं, दलहन के छोटे-छोटे पौधे इस बाढ़ में डूब गए हैं। बता दे कि गेहूं में पटवन की जरूरत होती है सिर्फ मामूली सिंचाई गेहूं के लिए अच्छी होती है। 
 
 
 
 
 
 
वही जल जमाव अथवा ज्यादा पानी लग जाने पर गेहूं के पौधे मृत हो जाते हैं। वही दलहन में मसूर फसल के लिए भी ज्यादा पानी हानिकारक होता है। वर्षा का पानी भी थोड़ा ज्यादा हो जाने पर मसूर का फसल समाप्त हो जाता है। लेकिन नहर के टूटने से खेतों में बाढ़ आ जाने से गेहूं और दलहन की फसल बर्बाद हो गई है। स्थानीय किसानों  ने बताया कि रात्रि को तटबंध टूटने की खबर सुन सभी ग्रामीणों ने तट बांधने की पूरी कोशिश की परंतु पानी का धार इतना तेज था कि सभी प्रयास विफल हो गए वही किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष भी धान की खेती नहीं हो पाई और इस साल दलहन और गेहूं भी बर्बाद हो गए। गंडक विभाग की लापरवाही ने सारे फसल बर्बाद कर दिए। इस कटाव के मरम्मती हेतु गांव वालों ने कई अधिकारियों के पास फोन किया लेकिन सभी अधिकारी आश्वासन देते रह गए। किसानों के आंखों के सामने नहर का पानी उनके खेत को बर्बाद कर दिए। वहीं किसानों ने इसका मुआवजा की मांग अधिकारियों से की है।
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