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बिहार
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मोतिहारी में MGCUB महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में सच्चाई के मार्ग पर चलने को कहा
By Deshwani | Publish Date: 19/10/2023 8:00:00 PM
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने मोतिहारी में MGCUB महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह में सच्चाई के मार्ग पर चलने को कहा

MGCUB मोतिहारी में दीक्षांत समारोह में भाग लेती राष्ट्रपति मुर्मु, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व अन्य। फोटो- देशवाणी।

मोतिहारी। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार (19 अक्टूबर, 2023) को मोतिहारी, बिहार में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के पहले दीक्षांत समारोह में भाग लिया और इसे संबोधित किया। यह समारोह कचहरी चौक स्थित नवनर्मित ऑडिटोरियम, महात्मा गांधी प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया।


प्रथम दीक्षांत समारोह में भारत की माननीय राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के साथ बिहार के राज्यपाल, श्री राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार, मोतिहारी के सांसद पूर्व केन्द्रीय कृषिमंत्री राधा मोहन सिंह, कुलाधिपति महेश शर्मा उपस्थित थे। इन्होंने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के कुलपति ने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शपथ दिलाई। 


समारोह में महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के कुलपति प्रोफेसर संजय श्रीवास्तव ने राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न, मधुबनी पेंटिंग एवं महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी का मोमेंटो भेंटकर उनका स्वागत किया।


माननीय राष्ट्रपति ने सबसे पहले दीक्षांत समारोह में उद्योगपति, लेखक, समाजिक विचारक आरके सिन्हा एवं भारतीय अभिनेता फिल्म निर्देशक एवं पटकथा लेखक चंद्र प्रकाश द्विवेदी को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया।

छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वे महात्मा गांधी द्वारा भारत में किए गए पहले सत्याग्रह की स्मृति में स्थापित विश्वविद्यालय के छात्र हैं। इस विश्वविद्यालय के छात्र होने के नाते, वे एक अमूल्य विरासत से जुड़े हुए हैं, जिसका सम्मान पूरी दुनिया में किया जाता है। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए बताया कि सादगी और सच्चाई का मार्ग ही वास्तविक सुख, शांति और प्रसिद्धि का मार्ग है।

राष्ट्रपति ने कहा कि गांधीजी की विरासत को समझने और आत्मसात करने के लिए सादगी और सच्चाई के अच्छे परिणामों को समझना होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सादगी और सच्चाई का मार्ग ही वास्तविक सुख, शांति और प्रसिद्धि का मार्ग है। उन्होंने विद्यार्थियों से बापू की शिक्षाओं के अनुसार मन, वाणी और कर्म से सदैव सत्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

राष्ट्रपति ने कहा कि गांधीजी ने अहिंसा, करुणा, नैतिकता और निस्वार्थ सेवा के आदर्शों में लोगों का विश्वास बढ़ाया। उन्होंने हमारे समाज, राजनीति और अध्यात्म को भारतीयता के साथ बहुत गहराई से जोड़ा। विश्व समुदाय में अनेक लोग गांधीजी में भारत का मूर्त रूप देखते हैं।

राष्ट्रपति ने बताया कि ऐतिहासिक चंपारण सत्याग्रह का समाज के ताने-बाने पर भी गहरा प्रभाव पड़ा। उस आंदोलन के दौरान सभी लोग जातिगत भेदभाव को किनारे रखकर एक-दूसरे के साथ खाना बनाने और खाने लगे। उन्होंने कहा कि करीब 106 साल पहले गांधी जी के कहने पर चंपारण के लोगों ने सामाजिक समानता और एकता का मार्ग अपनाया और अंग्रेजी हुकूमत को झुकने पर मजबूर कर दिया। आज भी सामाजिक समानता और एकता का वही मार्ग हमें आधुनिक और विकसित भारत के पथ पर आगे ले जाएगा।

 

समारोह में भाग लेने आए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्ष 2014 में मोतिहारी में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने की स्वीकृति प्रदान की गई। वर्ष 2016 में यहां काम शुरु हुआ। हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द इसका भवन बन जाए। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के लिए हम लोगों ने 136 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी हैं, इन्हें और भूमि की आवश्यकता है, जिसके लिए हमने अधिकारियों को निर्देश दे दिया है कि यथाशीघ्र शेष भूमि भी उपलब्ध करा दें। अगले 3 दिन में 140 एकड़ भूमि और विश्वविद्यालय को स्थानांतरित करना सुनिश्चित करें और उसके बाद भवन निर्माण का कार्य भी यथाशीघ्र शुरु कराएं। राज्य सरकार हर संभव मदद करेगी। राज्य सरकार गया में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना में हर संभव मदद कर रही है। गया की धरती काफी पौराणिक एवं ऐतिहासिक है।  हमारी इच्छा है विश्वविद्यालय के भवन निर्माण का कार्य तेजी से हो। जमीन चिन्हित होने के बाद उसकी घेराबंदी तथा आवागमन का रास्ता का काम हम लोग तेजी से करा देंगे। 

महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के कैंपस में विद्यार्थियों के साथ-साथ पढ़ानेवाले लोगों के आवासन की व्यवस्था भी रहेगी ताकि पढ़ाई में किसी प्रकार की समस्या नहीं आए। हम चाहते हैं कि महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी सबसे अच्छा बन जाए। मुझे बेहद खुशी होगी। मैं आप सभी को बधाई देता हूं। इस विश्वविद्यालय का अपना भवन जब बनकर तैयार हो जाएगा तो मुझे काफी प्रसन्नता होगी। 


दीक्षांत समारोह को सांसद राधामोहन सिंह एवं महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी के कुलाधिपति पद्मश्री डॉक्टर महेश शर्मा ने भी संबोधित किया।

 

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