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बिहार
बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने विधायक पुत्री को वापस लाने पर जवाब मांगा, पटना हाई कोर्ट का कोटा में फंसे छात्रों को सुरक्षित बुलाने का स्पष्टिकरण
By Deshwani | Publish Date: 21/4/2020 11:00:00 PM
बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने विधायक पुत्री को वापस लाने पर जवाब मांगा, पटना हाई कोर्ट का कोटा में फंसे छात्रों को सुरक्षित बुलाने का स्पष्टिकरण

पटना। हिसुआ से भाजपा विधायक की पुत्री को बिहार लाने पर एसडीओ से बिहार के मुख्य सचिव ने स्पष्टीकरण मांगा दूसरी तरफ पटना हाई कोर्ट ने कोटा से छात्रों को सुरक्षित वापस लाने पर सरकार से जवाब मांगा है।

नवादा के हिसुआ से भाजपा विधायक अनिल सिहं को अपनी पुत्री को कोटा से वापस लाने के लिए पास दिये जाने के मामले में मुख्य सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। श्री कुमार ने कहा कि सरकार बिहार से दूसरों राज्यों के बीच लोगों के आवागमन की पक्षधर नहीं रही है।  
 
 कोटा प्रकरण मामले में बड़ी खबर पटना हाईकोर्ट से है। राजस्थान के कोटा में पढ़ने वाले बिहार के छात्रों को सुरक्षित उन्हें वापस लाने के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई की है। सुनवाई करते हुए बिहार सरकार से जवाब मांगा है। अधिवक्ता अजय ठाकुर की याचिका पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय करोल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। उनके निर्देश पर पटना हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने राज्य के मुख्य सचिव को इस मामले पर बुधवार तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए पत्र लिखा है।
 
 
मालूम हो कि नवादा जिले की हिसुआ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक अनिल सिंह राजस्थान के कोटा में फंसे अपने बेटा, बेटी और पत्नी को वापस बिहार लाने में सफल हो गए थे। नवादा जिला प्रशासन ने उन्हें वाहन पास जारी किया था। नवादा सदर के अनुमंडल अधिकारी के आदेश से विधायक अनिल सिंह 16 अप्रैल से लेकर 25 अप्रैल तक प्रतिबंधित अवधि में कोटा में फंसे बेटे को लाने को लेकर आदेश लिया था। इस मामले पर सियासत गरमाने पर बीजेपी विधायक अनिल सिंह ने सफाई देते हुए कहा था कि मेरी बेटी कोटा में परेशान थी। वे पहले पिता हूं, बाद में जनप्रतिनिधि। इसलिए उन्होंने पिता का धर्म और कर्तव्य निभाया है।

इधर खबर आ रही है कि कोटा में लॉकडाउन की वजह से बड़ी संख्या में छात्र अपने घर नहीं आ पा रहे हैं। उन्हें वहां कई प्रकार की कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।  वहीं उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की सरकारों ने अपने छात्रों को बसों द्वारा लाने की व्यवस्था की। लेकिन बिहार सरकार की ओर से छात्रों को वापस लाने की अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी को लेकर चीफ जस्टिस संजय करोल ने छात्रों की सुरक्षा के प्रति चिंता जाहिर की। दूसरी तरफ बिहार सरकार में शामिल नेताओं का मामना है कि बाहर से छात्रों को बिहार लाने पर संक्रमण का खतरा है।
 
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