ब्रेकिंग न्यूज़
धार्मिक कार्यक्रम में जा रहे हजारों भारतीयों को नेपाल ने करोना वायरस की आशंका से गुरुवार की रात्रि रोका, वार्ता के बाद आज मिली एन्ट्रीपुलवामा हमले के शहीदों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलिआगर- लखनऊ एक्सप्रेस वे पर मोतिहारी की बस की भीषण दुर्घटना में मृतकों के नाम फिरोजाबाद प्रशासन ने मोतिहारी एसपी को पत्र लिखकर दिएरक्सौल में लुधियाना की नाबालिक लड़की को प्रेम जाल में फंसा कर विवाह करने के आरोप में एक युवक गिरफ्तारऔरंगाबाद में 9वी की छात्रा की हत्या, छात्रा का शव उसके ही क्लास रूम में मिलाभारत को हराकर पहली बार बांग्लादेश ने अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप जीतापटना के गांधी मैदान से सटे इलाके में ब्लास्ट होने से करीब आधा दर्जन लोग घायलजविपा सुप्रीमो अनिल कुमार ने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बनाई मानव श्रृंखला पर मांगा श्‍वेत पत्र
बिहार
बाढ़ प्रबंधन को लेकर लोकसभा में व्यापक बहस की आवश्यकता : तारिक अनवर
By Deshwani | Publish Date: 22/8/2017 8:28:51 PM
बाढ़ प्रबंधन को लेकर लोकसभा में व्यापक बहस की आवश्यकता : तारिक अनवर

कटिहार, (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री सह कटिहार सांसद तारिक अनवर ने उत्तर बिहार में आई विनाशकारी बाढ़ की व्यापकता के मद्देनजर बाढ़ नियंत्रण की अवधारणा के विकल्प के रूप में नेपाल से बिहार प्रवेश करने वाली नदियों के बेहतर जल प्रबंधन की आवश्यकता जताई। 

पिछले तीन दिनों से कटिहार तथा पूर्णियाँ जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर रहे तारिक अनवर ने मंगलवार को बताया कि वर्ष दर वर्ष नदियों के जल प्रवाह में मानव निर्मित रुकावट पैदा करने के कारण देश के जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, मुंबई महानगरी, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश तथा उत्तर बिहार को बाढ़ की विनाशलीला का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहे बदलाव को इसे प्रकृति के स्वरूप के साथ जोड़कर नदी जलप्रबंधन की योजनाएं तैयार करनी होगी, जिससे इस समस्या से प्रभावकारी ढ़ंग से निपटा जा सके। कटिहार सांसद ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, पर्यावरण विदों तथा जल वैज्ञानिकों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर एक राष्ट्रीय बहस की शुरुआत करने की आवश्यकता पर बल दिया। 
 पूर्व कृषि राज्य मंत्री अनवर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के तहत कई देशों में जो ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे हैं वहाँ नदी जलप्रबंधन का एक मॉड्यूल तैयार करने का काम चल रहा है। भारत को भी इस दिशा में कार्यक्रम तैयार करना होगा जिससे यहाँ की एक बड़ी आबादी के सामने खड़ी बाढ़ के जोख़िम को न्यूनतम किया जा सके और अभिशप्त नदियों को सुख की नदी बनाई जा सके।
 
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS