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चुनौतियों के बावजूद वर्ष 2016-17 में भारतीय रेल ने दर्ज की अच्छी प्रगति
By Deshwani | Publish Date: 4/4/2017 3:58:16 PM
चुनौतियों के बावजूद वर्ष 2016-17 में भारतीय रेल ने दर्ज की अच्छी प्रगति

 हाजीपुर। भारतीय रेलवे ने आयात निर्यात में कमी,माल ढुलाई में कमी, यातायात में आशातीत प्रगति का नहीं होना, सातवें वेतन आयोग के परिणामस्वरूप अतिरिक्त व्यय भार जैसी तमाम चुनौतियों के बावजूद वर्ष 2016-17 के दौरान सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है। 

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अरविन्द रजक ने मंगलवार को यहाँ बताया कि भारतीय रेल द्वारा पूंजीगत व्यय के मामले में जहाँ वर्ष 2014-15 में 58718 करोड़ रुपये, वर्ष 2015-16 में 93795 करोड़ रुपये खर्च किया गया था वहीं वर्ष 2016-17 में यह राशि बढकर 0 1,21,000 करोड़ रुपये रही। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने विगत दो वर्षों के दौरान आधारभूत संरचना के विकास पर काफी जोर दिया गया है । इसी के तहत नई लाइन बिछाने से लेकर लाइनों का दोहरीकरण किया गया 1 आमान परिवर्तन कर वर्ष 2016-17 में कुल 2855 किमी रेल लाईन का निर्माण कर परिचालन के लिए खोला गया जबकि वर्ष 2014-15 में 1983 किमी. तथा वर्ष 2015-16 में 2828 किमी. लाइन परिचालन के लिए खोला गया था । इसी तरह केवल नई लाईन के क्षेत्र में वर्ष 2016-17 में 953 किमी नई लाईन का निर्माण कर परिचालन के लिए खोला गया | 
रजक ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों के सुदूरवर्ती क्षेत्रों को भी रेल नेटवर्क से जोड़ने में भारतीय रेल ने उत्कृष्ट कार्य किया है। जहाँ वर्ष 2009-14 में केवल 110 किमी. प्रति वर्ष बड़ी लाइनों की इस क्षेत्र में शुरुआत की गई, वहीं वर्ष 2014-15 में 450 किमी एवं वर्ष 2015-16 में 545 किमी. नई बड़ी लाइन पर परिचालन शुरू किया गया था । इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत में समस्त मीटर गेज लाईन को ब्रॉड गेज लाईन में परिवर्तित कर दिया गया है। रजक ने बताया कि वर्ष 2020 तक भारतीय रेलवे ने समस्त पूर्वोत्तर के राज्यों की राजधानियों को बड़ी लाइन से जोड़ने हेतु लक्ष्य निर्धारित किया है। 
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