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बिहार
सदर अस्पताल के एआरटी सेंटर में नहीं है जांच की सुविधा
By Deshwani | Publish Date: 2/7/2017 4:37:07 PM
सदर अस्पताल के एआरटी सेंटर में नहीं है जांच की सुविधा

छपरा, (हि.स) । सदर अस्पताल में स्थित एआरटी सेंटर में मरीजों की जांच की सुविधा नहीं है और इसके लिए मरीजों को लंबे समय तक अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा है । हरेक बार दवा लेने के पहले एचआईवी, एड्स मरीजों को सीडी फाॅर काउंट की जांच कराई जाती है और इसके मरीजों के खून का नमूना लेकर पटना या अन्य स्थानों पर भेजा जाता है। नमूना सही ढंग से नहीं लेने और नमूना भेजने में देर होने के कारण जांच रिपोर्ट प्रभावित होती है | जांच रिपोर्ट की गुणवत्ता भी हमेशा संदेह के घेरे में रहती है । एआरटी सेंटर में मरीजों को केवल दवा देने का ही प्रावधान है। गंभीर रूप से बीमार एचआइवी पाजिटिव मरीजों को भर्ती करने के लिए कोई सुविधा नहीं है। इस वजह से गंभीर रूप से बीमार एचआइवी पाजिटिव मरीजों को पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया जाता है। सारण प्रमंडल के एक मात्र एआरटी सेंटर में एचआइवी पाजिटिव मरीजों को उपचार की समुचित सुविधा नहीं मिल रही है जिसके कारण एचआइवी पाजिटिव मरीजों को इलाज के अभाव में इधर- उधर भटकना पड़ रहा है । हालांकि खून की कमी होने, डायरिया होने तथा खांसी होने पर एचआइवी पाजिटिव मरीजों को सदर अस्पताल में भर्ती किया जाता है लेकिन इसके लिए अलग से कोई वार्ड नहीं है । 

 
क्या है स्थिति 
सारण प्रमंडल में एचआइवी पाजिटिव मरीजों की संख्या करीब चार हजार से अधिक है और उनके उपचार के लिए सदर अस्पताल में एक मात्र एआरटी सेंटर है जिसमें उनके इलाज के लिए ओपीडी की सुविधा है । सुबह 9 बजे से लेकर दिन के 2 बजे तक मरीजों को दवा दी जाती है । 
 
चिकित्सा कर्मचारियों का है अभाव 
एआरटी सेंटर में चिकित्सा कर्मचारियों का घोर अभाव है । यहां वर्तमान समय में एक मात्र चिकित्सक कार्यरत हैं जबकि मरीजों की संख्या के अनुपात में तीन चिकित्सक की जरूरत है और स्टाफ नर्स तथा फार्मासिस्ट भी एक-एक है । स्टाफ नर्स तथा फार्मासिस्ट भी तीन-तीन होने चाहिए । इसका प्रस्ताव भी सरकार को भेजा गया है । लेकिन अब तक रिक्त पदों पर चिकित्सा कर्मचारियों का पदस्थापन नहीं किया गया है । इस वजह से मरीजों को इलाज के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है । दूर दराज से आने वाले मरीजों को चिकित्सक से दिखाने तथा दवा लेने के बाद घर वापस लौटने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है । 
 
क्या कहते हैं अधिकारी 
एआरटी सेंटर में सीडी फाॅर काउंट की जांच की सुविधा नहीं है । इसके लिए मरीजों के खुन का नमूना लेकर पटना भेजा जाता है और जांच रिपोर्ट आने पर दवा दी जाती है । चिकित्सा कर्मचारियों की कमी है जिसे दूर करने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है । गंभीर रूप से बीमार एचआइवी पाजिटिव मरीजों को एआरटी सेंटर में भर्ती करने की सुविधा नहीं है, लेकिन विशेष परिस्थितियों में सदर अस्पताल में भर्ती कराया जाता है । 
डा शंभू नाथ सिंह, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, छपरा।
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