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चैत्र नवमी का महापर्व सेवक संजयनाथ काली मन्दिर में चैत्र महानवमी में जुटे हजारों भक्त, तीन दशकों से बना है आस्था का केन्द्र
By Deshwani | Publish Date: 13/4/2019 7:41:44 PM
चैत्र नवमी का महापर्व सेवक संजयनाथ काली मन्दिर में चैत्र महानवमी में जुटे हजारों भक्त, तीन दशकों से बना है आस्था का केन्द्र

सेवक संजयनाथ काली मन्दिर में चैत्र महानवमी का भव्य आयोजन। फोटो- देशवाणी।

 रक्सौल। अनिल कुमार।
 
रक्सौल स्थित सेवक संजयनाथ काली मन्दिर में शनिवार को चैत्र महानवमी का भव्य आयोजन किया गया। शनिवार सुबह 6 बजे साधना गृह का पट खुलने के साथ ही मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। भक्तों ने साधना गृह स्थित जगतजननी मां काली के अद्भुत रूप के दर्शन किए।
 
 
8 बजे वामाचार्य सेवक संजयनाथ जी महाराज के द्वारा कालकालीनाथ महादेव की भष्म आरती संपन्न हुई। दोपहर 2 बजे से अखण्ड हवन कुंड में हवन कार्य आरंभ हुआ। जिसमें सभी भक्तों ने बारी-बारी से हवन संपन्न कर अपने-अपने कलश का विसर्जन किया। साधना गृह में मां काली के समक्ष छप्पन भोग अर्पित किया गया। तीन कुमारी कन्याओं को महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के रूप में पूजन कर 51 कुमारी कन्याओं को भोज अर्पित किया गया। संध्या 6 बजे कालकालीनाथ की भस्म आरती के पश्चात दसमुखी काली के समक्ष महाआरती सम्पन्न हुई। जिसमें हजारों श्रद्धालु भक्त सम्मिलित हुए।
 

संध्या समय महाभंडारा का भी आयोजन किया गया। जिसमें करीब पांच हजार भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण किया। इस चैत्र नवरात्र में देश विदेश के भक्तों द्वारा यहां 501 कलश स्थापित किये गए थे।
 

आठ दिनों तक चले इस कार्यक्रम में बाहर से आये भक्तों के साथ समस्त नगरवासी भी भक्तिसागर में गोते लगाते रहे। इस पूरे क्षेत्र में चैत्र नवरात्र को आश्विन नवरात्र के समान ही मनाये जाने की परंपरा की शुरुआत तीन दशक पहले इस काली मन्दिर के द्वारा ही की गई थी। भारत नेपाल सीमा पर अवस्थित यह स्थल वर्षों से असंख्य भक्तों की आस्था और भक्ति का केंद्र बना हुआ है।।   
                                              
 
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