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भ्रष्टाचार, अपराध, अवैध कारनामों के खिलाफ योगी सरकार का हल्ला बोल
By Deshwani | Publish Date: 3/4/2017 2:28:58 PM
भ्रष्टाचार, अपराध, अवैध कारनामों के खिलाफ योगी सरकार का हल्ला बोल

मृत्युंजय दीक्षित

उप्र में महंत योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की जबर्दस्त बहुमत वाली सरकार ने अब अपना काम शुरू कर दिया है। इसका असर जनमानस में दिखलायी भी पड़ने लग गया है। नयी सरकार ने अपराध जगत के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। विगत दिनों सी एम योगी ने कहा था कि प्रदेश के गुंडे व असामाजिक तत्व या तो सुधर जायें या फिर प्रदेश को छोड़कर चले जायें। सरकार ने भ्रष्टाचार, अपराधियों व बाहुबलियो के खिलाफ जंग छेड दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रियों व विधायकों को भी लगातार दिशा निर्देश दे रहे हैं तथा उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 25 विधायकों पर एक सचेतक भी पार्टी की ओर से नियुक्त किया जा रहा है। अभी तक तो सभी कदम सकारात्मक ही हैं। 
मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए वचनबद्ध हैं। हर विभाग एवं योजना में पारदर्शी व्यवस्था कायम करने का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण आदेश अपने मंत्रियों को दिया है कि किसी भी दागी को निजी स्टाफ न बनायें। अभी फिलहाल सभी मंत्रियों के स्टाफ की कुंडली पता की जा रही है। इस बात की पूरी संभावना है कि जल्द ही सभी नये मंत्रियों के स्टाफ पूरी तरह से बदल दिये जायेंगे। साथ ही पार्टी के सभी विधायकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए नसीहत दी गयी है कि वे सामाजिक जीवन में न केवल अपनी वाणी और व्यवहार में संयम रखें, अपितु यह भी अपेक्षा की गयी है कि सरकारी कामकाज में मंत्रियों और विधायकों के परिवार वाले दखल न दें। इसी प्रकार की नसीहत पीएम मोदी अपने सांसदों को दे चुके हैं। उनका कहना है कि सांसदों को अधिकारियों के स्थानांतरण और पोस्टिंग आदि से दूर रहना चाहिए। यह एक प्रकार से व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने का एक छोटा सा प्रयास किया जा रहा है। विगत 70 साल से देश व प्रदेश के राजनीतिक इतिहास व व्यवस्थी में एक प्रथा सी बन गयी है कि जब जिस दल की सत्ता आती हे तथा जो सांसद या विधायक चुनकर जाते रहे हैं, वह अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए सरकारों पर दबाव बनाते रहते हैं। इसके कारण सरकारों के कामकाज पर विपरीत असर पड़ता है और भ्रष्टाचार भी बढ़ता है तथा अपराधियों को संरक्षण भी मिलता है। 
सबसे बड़ी बात यह है कि भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में पार्टी विधायकों को प्रदेश में रामराज्य लाने की सीख दी गयी है। चित्रकूट में कानपुर- बुंदेलखंड क्षेत्र से चुने गये विधायकों को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सत्ता की हनक और धमक से दूर रहकर सिर्फ विकास पर ध्यान लगाने की सलाह दी है। दो दिवसीय कार्यसमिति में 52 विधानसभा क्षेत्रों के सभी विधायक, प्रत्याशी, मंत्री, जिलाध्यक्ष,जिला प्रभारी, चुनाव प्रभारी सहित अनेक पदाधिकारी गण उपस्थित हुए थे। 
फिलहाल सरकार ने अब तक जो भी कदम उठाये तथा उठाये जा रहे हैं, वह सब भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का एक नमूना है। पहले अवैध बूचड़खानों पर हल्ला बोला गया, उसके साथ एंटी रोमियो अभियान शुरू हआ। यह काम लगातार जारी है। सरकार ने किसानों के हित में भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए कई छोटे किंतु ऐतिहासिक कदम भी उठाये हैं। सरकार ने फैसला लिया है कि अब समर्थन मूल्य की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जायेगी। अब सरकार किसानों से सीघे गेंहू की खरीद करेगी तथा इसमें बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। साथ ही सभी विधायक व सांसद गेहं खरीद पर सीधे नजर भी रखेंगे तथा स्थलीय निरीक्षण भी करने निकलेंगे। किसानों की पहचान और कृषि क्षेत्रफल की जानकारी के लिए उनके आधार नंबर की मदद ली जायेगी। विगत सरकार ने बिचौलियों के माध्यम से गेहूं की खरीद की थी। इसके कारण खूब भ्रष्टाचार की खबरें आयी थीं । यह किसानों के हित मं लिए निर्णय मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। हालांकि अभी किसानों का कर्जमाफी का बड़ा फैसला आना बाकी हैं । 
योगी सरकार में किसी भी प्रकार का अवैध काम करने वाले लोगों और संगठित गिरोहों पर आफत आ गयी है तथा कुछ पर आने वाली है। एंटी रोमियो अभियान के बाद भू माफियाआं व अवैध खनन कारोबारियों पर भी हल्ला बोल शुरू हो गया है। प्रदेशभर में बिजली चोरों के खिलाफ महाअभियान शुरू हो गया हैं। यह अभियान बहुत दिनों से सुस्त पड़ा था। 
स्बसे बड़ी बात यह है कि अब योगी सरकार में बाहुबलियों पर कड़े तेवर अपना लिये हैं। अभी तक जो बाहुबली जेलों में आराम फरमा रहे थे,उनके चेहरे से हवाईयां उड़ने लगी हैं। यही कारण है कि एक बाहुबली मुख्तार अंसारी ने केंद्रीय मंत्री मनोज सिंहा पर आरोप लगा दिया कि वह मेरी हत्या करवाना चाह रहे हैं। दूसरे बाहुबली अतीक अहमद की जेल बदल दी गयी है तथ उन्हें सामान्य कैदियों के साथ बिना किसी सुविधा के रखा जा रहा है। योगी का साफ कहना है कि उन्हें अपराधियों व बाहुबली के खिलाफ दो से तीन घंटे में व दिनों में कार्यवाही परक परिणाम चाहिए। वह स्वयं बाहुबलियों व अपराधियों के मामलों को देख रहे हैं। 
आज प्रदेश का कोई विभाग ऐसा नहीं बचा है जहां पर बदलाव साफ नजर न आ रहा हो। समाजवादी आवास योजना बंद होने जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग में प्रदेश के सभी नागरिकों के राशन कार्डो को रद्द कर दिया हैं । अब सभी को स्मार्ट राशनकार्ड देने की योजना है। प्रदेश के विद्यालयों में हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाओं में जमकर नकल हो रही थी जिससे निपटने के लिए कड़े कदम सरकार की तरफ से उठाये जा रहे हैं। नकल करने वाले तथा नकलचियों के खिलाफ हल्ला बोल दिया गया है। अभी तक 57 कालेजों की मान्यता रद्द की जा चुकी है तथा 54 से अधिक को डिबार किया जा चुका है। सबसे बड़ी बात यह है कि सरकार नकल के खिलाफ अब महाअभियान को और तेज करने जा रही है। प्रदेश के शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार के दीमक ने पूरी तरह से जकड़ रखा है। एक के बाद एक प्रदेश के सभी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग शुरू हो रही है। समाजवादी सरकार के ड्रीम प्रोजेक्टों की जांच शुरू हो रही है। इसमें गोमती रिवर फ्रंट पहला निशाना बना है । पूर्व मंत्री आजम खान का कार्यकाल व विभाग भी शक के घेरे में आ चुका है। अब सभी समाजवादी तथा लोहिया योजनाओं आदि का नाम हटने जा रहा है। अब प्रदेश की योजनाओं का नामकरण दलितों, पिछड़ों के महापुरुषों के नाम पर होने जा रहा है। 
प्रदेश को पहली बार एक योगी व महंत मुख्यमंत्री मिला है जो कि न तो बिस्तर पर सोता है और नहीं एसी व लिफ्ट का उपयोग करता है। योगाी आदित्यनाथ 18 से 20 घंटे तक बिना थके काम करने की अदभुत क्षमता रखते हैं। अब कम से कम यह तय हो गया है कि सत्ता प्रतिष्ठान भ्रष्टाचार और बाहुबलियों के दबदबे से हल्का हो जायेगा। प्रदेश का जनमानस निश्चय ही अपने आप में अच्छा अनुभव करेगा तथा उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश बनकर रहेगा। प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने इलाहाबाद में हाईकोर्ट के 150 वर्ष पूर्ण होने पर कहा भी है कि सीएम योगी छोटे कामों के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं बने हैं, अपितु वह काफी बड़े-बड़े काम करेंगे। प्रदेश सरकार जो भी कदम उठा रही है वह भ्रष्टाचार और अपरारधियों के खिलाफ ही हैं। सरकार जैसे -जैसे आगे बढ़ेगी वैसे- वैसे कानून व्यवस्था में भी सुधार आयेगा और परिवर्तन भी।
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