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रांची
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने झारखंड में भी शराबबंदी की वकालत की
By Deshwani | Publish Date: 26/2/2018 3:32:49 PM
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने झारखंड में भी शराबबंदी की वकालत की

रांची। पूर्ण शराबबंदी लागू कर समाज सुधार की पहल करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने झारखंड में भी शराबबंदी की वकालत की है। नीतीश ने सवाल उठाया कि जब बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हो सकती है तो झारखंड व अन्य राज्यों में क्यों नहीं? रांची में आयोजित जदयू के राज्यस्तरीय सम्मेलन में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को समाज सुधार के एजेंडे पर काम करने की नसीहत देते हुए शराबबंदी के साथ-साथ दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ सामाजिक चेतना जगाने का टास्क सौंपा।

 
नीतीश कुमार ने शराबबंदी से होने वाले नफे-नुकसान की भी चर्चा की। कहा, बिहार में शराब से राज्य सरकार को पांच हजार करोड़ का राजस्व हासिल होता था लेकिन लोगों के दस हजार करोड़ रुपये बर्बाद होते थे। अब ये रुपये अच्छे कामों में लग रहा है। यह भी बताया कि वर्ष 2015-16 में शराबबंदी से राज्य को हुए 5000 करोड़ के नुकसान की भरपाई कर ली गई है, अब महज एक हजार करोड़ रुपये की कमी रह गई है। आने वाले समय में वह भी दूर हो जाएगी। 
नीतीश कुमार ने स्वीकारा कि उत्तर प्रदेश, झारखंड और हरियाणा के कुछ धंधेबाज जरूर चोरी छिपे धंधेबाजी कर रहे हैं, लेकिन ऐसे लोग पकड़े भी जा रहे हैं। कहा, इसे रोकने के लिए बिहार सरकार शीघ्र ही एक फोन नंबर जारी करेगी, जिस पर बिना अपनी पहचान जारी किए शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। शिकायत के घंटे भर के अंदर कार्रवाई होगी। कहा, बिहार में शराब बंदी होने के बाद शांति है। घरों का पारिवारिक माहौल सुधरा है। अपराध का आंकड़ा घट गया है। कहा, आज बिहार के किसी भी गांव में देख लीजिए कि शराबबंदी से वहां कितना फायदा पहुंचा है। मौके पर नीतीश कुमार ने दहेज प्रथा और बाल विवाह पर रोक के लिए बिहार सरकार द्वारा लाए गए कानून की भी चर्चा की। कहा, झारखंड में भी पार्टी कार्यकर्ता समाज सुधार के लिए इस अभियान को चलाएं।
 
शराबबंदी, दहेज प्रथा और बाल विवाह के प्रति जागरूकता अभियान चलाना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आदिवासी-मूलवासी के हितों की रक्षा, कुरमी को आदिवासी का दर्जा देने, एससी-एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाने की मांग उठाने का टास्क सौंपा। भ्रष्टाचार से समझौता न करने की भी नसीहत दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो ने की। इस मौके पर बिहार के मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह, श्रवण कुमार, राज्यसभा सांसद हरिवंश, झारखंड के प्रभारी विधायक राम सेवक सिंह, सह प्रभारी अरुण कुमार सिंह, विधायक सुनील चौधरी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष खीरू महतो, पूर्व मंत्री सुधा चौधरी व कृष्णानंद मिश्र ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
 
नीतीश कुमार ने स्पष्ट कहा कि आदिवासियों के हितों से जुड़े कानून सीएनटी-एसपीटी एक्ट में किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। आदिवासियों व मूलवासियों की क्षमता को समझना चाहिए, उनकी अहमियत मानकर चलनी चाहिए।
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