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रांची
आदिवासी सिर्फ मुद्दा बनकर रह गए हैं : अर्जुन मुंडा
By Deshwani | Publish Date: 9/1/2018 7:25:26 PM
आदिवासी सिर्फ मुद्दा बनकर रह गए हैं : अर्जुन मुंडा

रांची/हजारीबाग (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि आज तक आदिवासियों को सिर्फ मुद्दा बनाया गया है। कहा तो बहुत जाता है, परंतु आदिवासियों के हित के लिए कुछ हो नहीं पा रहा है। मुंडा कटकमसांडी रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को भारत मुंडा समाज की स्थानीय इकाई द्वारा आयोजित भगवान बिरसा मुंडा उलगुलान दिवस समारोह सह कृषि प्रदर्शनी में बोल रहे थे। 

उन्होंने कहा कि उलगुलान शब्द सबसे पहले भगवान बिरसा मुंडा ने कहा। भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के खिलाफ जल जंगल एवं जमीन के लिए विद्रोह किया, जिसे उलगुलान नाम दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज को अपने अधिकारों के लिए सजग रहना पड़ेगा। जब तक आदिवासी समाज मुख्य धारा में वापस नहीं लौटेगा, तब तक हम लोगों का और देश का विकास संभव नहीं होगा। हमें अपनी संस्कृति की रक्षा करते रहना है। मुंडा ने मुंडारी भाषा में भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुत सीधे सादे लोग होते हैं। इनको कोई भी ठगने का काम ना करें। आदिवासी ही एक ऐसा समाज है, जिसमें महिला और पुरुषों में फर्क नहीं किया जाता। 
सदर विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के उलगुलान को जारी रखते हुए वर्तमान समय में समाज में फैली अशिक्षा अंधविश्वास, कन्या भ्रूण हत्या, भ्रष्टाचार, अत्याचार जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ना पड़ेगा। ऐसा होने पर ही जिला व देश का विकास संभव है। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को देखते हुए महाने नदी पर पुल का निर्माण बहुत जल्द प्रारंभ किए जाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि इसका टेंडर हो चुका है। वहीं कई अन्य मांगों के भी टेंडर हो चुके हैं। जल्द ही ऐसे कार्य धरातल पर दिखेंगे। खिजरी विधायक रामकुमार पाहन ने आदिवासी समाज की संस्कृति और सभ्यता को बचाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आदिवासियों के हित में सरना और मसना की घेराबंदी की दिशा में कार्य कर रही है।
 
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