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झारखंड
गायों की तस्करी होने पर थानेदार होंगे डिसमिस : सीएम
By Deshwani | Publish Date: 14/7/2017 7:07:28 PM
गायों की तस्करी होने पर थानेदार होंगे डिसमिस : सीएम

रांची, (हि.स.)। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि जिस थाना क्षेत्र से गायों की अवैध तस्करी होगी, वहां के थानेदार को सीधे डिसमिस किया जायेगा। सरकार ने एक्ट बना दिया है, उस पर एक्शन हर हाल में होना चाहिए। इसके साथ ही कानून कोई हाथ में न ले, इसे भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो कानून हाथ में ले, उसपर तत्काल कड़ी कार्रवाई करें। किसी की पैरवी सुनने की जरूरत नहीं है। कुछ लोग गो-रक्षा के नाम पर राज्य का अमन-चैन बिगाड़ने में लगे हुए हैं, उनके मंसूबे पूरे न हो। निर्दोष की हत्या हर हाल में रूकनी चाहिए। दास शुक्रवार को झारखंड मंत्रालय में विधि व्यवस्था व अपराध नियंत्रण की समीक्षा कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि राज्य में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था हमारी प्राथमिकता में है। राज्य के लोगों को सुरक्षा देना हमारी जिम्मेवारी है। लोगों की सुरक्षा से किसी प्रकार समझौता नहीं किया जायेगा। कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिये किसी के साथ किसी भी प्रकार का मुरव्वत न करें। घटना घटित होने के बाद तय सीमा में मामले का उद्भेदन करें। मामले का उद्भेदन न हुआ, तो थानेदार पर कार्रवाई करें। एसपी का डर थानेदार पर होना चाहिए। दास ने कहा कि डीआइजी सप्ताह में एक दिन किसी जिले का दौरा करें। वहां अचानक किसी थाने का निरीक्षण भी करें। इसी प्रकार एसपी प्रतिदिन दो-दो थाने का औचक निरीक्षण करें। थाने में केस डायरी, अनुसंधान आदि की जानकारी लें। डीएसपी भी हर दिन दो-दो थाने का निरीक्षण करें। इससे नीचे स्तर पर काम में तेजी आयेगी। अपराधियों पर कानूनी शिकंजा कसेगा और शांति व्यवस्था कायम होगी। सभी की जिम्मेवारी तय होगी। जो काम नहीं करेगा, उसे बाहर का रास्ता दिखाया जायेगा। जो थानेदार काम में लापरवाही करे, जनता के साथ ठीक से पेश न आये, उसे तत्काल बर्खाश्त करें। अकर्मण्य अधिकारियों को बख्सा नहीं जायेगा। इस सरकार ने काम करने की जितनी छूट अधिकारियों को दी है, किसी सरकार ने नहीं दी थी। इसका रिजल्ट दिखना चाहिए। 
दास ने कहा कि अवैध माइनिंग के लिए थानेदार ही जिम्मेवार होंगे। जहां अवैध माइनिंग हो, वहां भी थानेदार पर कार्रवाई करें। किसी घटना में कार्रवाई दिखावे के लिए न करें। मामले का तय समय में निपटारा कर दोषी को सजा दिलायें। उन्होंने कहा कि शांति समिति का गठन काफी पहले किया गया था। 15 दिनों में नयी कमेटी का गठन करें। इसमें ज्यादातर सदस्य यूवाओं को बनायें। केंद्रीय कमेटी में चिकित्सक, शिक्षाविद् आदि को स्थान दें। जिला कमेटी में सभी दलों के जिला अध्यक्षों समेत समाज के सिविल सोसाइटी के लोगों को रखें। गांव में मानकी-मुंडा आदि को भी कमेटी में रखें। दलाल किस्म के लोग इन कमेटियों न रहें। केंद्रीय कमेटी की हर दो माह में और जिला तथा थाना कमेटी की हर माह बैठक करें। उनसे राय लें। इसी प्रकार हर जिले में सिविल डिफेंस टीम बनी हुई है। उनके सदस्यों के साथ भी माह में एक बार बैठें। जनता को जोड़ने के साथ ही सकारात्मक नतीजे दिखने लगेंगे। अब अफसरशाही नहीं चलेगी। गरीब, आदिवासी आदि सभी हमारे लोग हैं। थाने में गरीबों को सम्मान मिलना चाहिए। हम सब सेवक हैं और जनता हमारी मालिक है। इसे न भूलें। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक नियंत्रण बड़ी चुनौती है। इसके निराकरण के लिए प्लान बनायें और उसे लागू करें। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और कार चालक सीट बेल्ट लगायें, इसे सुनिश्चित करें। इनमें कड़ाई करने के बाद दुर्घटना में हताहतों की संख्या में काफी कमी आयी है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि लोगों को किसी प्रकार से तंग न किया जाये। पुलिसकर्मी केवल नंबर लिखने के लिए मोटरसाइकिल को रोके और उसके घर पर चालान भेज दें। रांची समेत सभी प्रमुख शहरों में हाइ डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरा लगायें। इसके बाद किसी को रोकने की जरूरत नहीं होगी। नंबर प्लेट से नंबर लेकर उक्त व्यक्ति के घर चालान भेजने की व्यवस्था लागू करें। इससे निचले स्तर का भ्रष्टाचार भी समाप्त होगा। आम लोगों को परेशानी भी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को मजबूत बनाने में स्थानीय सांसद-विधायक व जनप्रतिनिधि काफी सहयोग कर सकते हैं। उनसे हर माह एक बार जरूर बात करें। अच्छे तालुकात रखें। कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने पर वे इसे संभालने में आपके मददगार रहेंगे। 
उन्होंने बदलते युग में तेजी से तकनीक अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि साइबर क्राइम तेजी से पैर फैला रहा है। इसे तकनीक के ज्ञान से ही नियंत्रित किया जा सकता है। जहां सांप्रदायिक तनाव हो, वहां कार्रवाई में खानापूर्ति न करें। जो दोषी है उस पर कड़ी कार्रवाई करें। शहरों में अपराध की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थानेदार की जवाबदेही तय करें। मोटरसाइकिल दस्ते को काम पर लगायें। समय से घटना का उद्भेदन न हो, तो थानेदार पर कार्रवाई करें। इसी प्रकार गांव में बिचौलिये हमारे भोले-भाले गरीब आदिवासियों का गाइड करने का प्रयास कर रहे हैं। उनसे सावधान रहें। उनकी गतिविधियों पर नजर रखें और कानून-व्यवस्था खराब करनेवाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें। जो थाने में शिकायत लेकर आते हैं, उनके साथ सलीके से पेश आयें। लोगों के प्रति संवेदनशील रहें। संवेदनशील होकर काम करें। लोगों का आर्शीवाद मिलेगा। इसी से संतुष्टि मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन माह बाद फिर से कानून-व्यवस्था को लेकर बैठक होगी। इसमें आज के निर्देशों की समीक्षा की जायेगी।
मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने कहा है कि राज्य में अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन पूरी मजबूती के साथ काम करें तथा किसी भी निर्देश का पालन पूरी शक्ति के साथ सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि जेलों में आए दिन मोबाईल एवं अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की मिलने की शिकायत आ रही है, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरा का संकेत देती हैं। इसलिए जेलों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मजबूत किया जाए। मोबाईल डिडेक्टर मशीन जेलों में लगाई जाए। पुलिस महानिदेशक तथा प्रधान सचिव, गृह ने भी सम्बोधित किया। आईजी, उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षकों ने भी अपनी बात, सुझाव और समस्याओं से अवगत कराया। बैठक में डीजीपी डीके पांडेय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे, कार्मिक विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे समेत राज्य के आला पुलिस अधिकारी और उपायुक्त उपस्थित थे।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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