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झारखंड
सांसद कड़िया मुंडा की गोद ली गई पंचायत का बुरा हाल
By Deshwani | Publish Date: 13/7/2017 2:07:20 PM
सांसद कड़िया मुंडा की गोद ली गई पंचायत का बुरा हाल

रांची/खूंटी,  (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब घोषणा की थी कि हर सांसद अपने क्षेत्र की एक-एक पंचायत को गोद लें और उसका विकास आदर्श पंचायत के रूप में होगा तो लगा था कि चलो एक साल में यदि एक पंचायत का भी सर्वांगीण विकास हो जाता है, तो यह उस पंचायत के लिए बड़ी बात होगी। खूंटी के सांसद कड़िया मुंडा ने भी खूंटी प्रखंड की तिलमा पंचायत को गोद लिया। इसको जानकर वहां के लोगों की खुशी देखते बन रही थी परन्तु दो साल गुजर जाने के बाद भी विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी।
आज भी इस पंचायत के 12 गांवों की वही स्थिति है जो आजादी के पहले थी। न गांव में सड़क है और न ही पेयजल या चिकित्सा या अन्य बुनियादी सुविधाएं। पंचायत के विकास की जानकारी लेने के लिए हिन्दुस्थान समाचार संवाददाता ने पंचायत के कई गांवों का दौरा किया। संवाददाता के पंचायत सचिव दुखेंद्र कुमार ठाकुर के साथ हुई बातचीत के अनुसार योजनाएं तो बन गई हैं लेकिन अब तक इनकी शुरुआत नहीं हो सकी है। वे कहते हैं कहीं-कहीं तो ग्रामीण भी जमीन का कागजात देना नहीं चाहते। इसके कारण भी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
आंगनबाड़ी केंद्र की सहिया नीलमणि का कहना है कि गांव में जलापूर्ति के लिए तीन साल पहले जलमीनार बनाई गई है, परन्तु आज तक किसी को एक बूंद पानी नहीं मिला। कारण पूछने पर सहिया कहती है कि गांव में बिजली रहती ही नहीं है, तो पानी सप्लाई कैसे होगी? विकास कार्य के बारे में पूछे जाने पर ग्रामीणों का कहना है कि कुछ पीसीसी सड़क बनी और कुछ लोगों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिला है। हां सांसद की अनुशंसा पर दो मंजिला स्कूल भवन जरूर बन रहा है। इसके आलावा अब तक कोई काम पंचायत के किसी गांव में नहीं हुआ है।
सांसद कड़िया मुंडा द्वारा तिलमा पंचायत को गोद लिये एक साल से भी अधिक का समय गुजर चुका है, लेकिन विकास का एक भी काम धरातल पर नहीं उतरा है। अब तक सभी योजनाएं कागजों के मक्कड़जाल में ही फंस कर रह गई हैं। ज्ञात हो कि तिलमा पंचायत के सभी 12 गांवों को आदर्श गांव के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके तहत सभी गांव-टोलों के लोगों को बुनियादी सुविधा मुहैया कराने की योजना है। हालांकि सांसद आदर्श ग्राम के लिए अलग से किसी राशि की व्यवस्था नहीं है। हर विभाग को अपनी योजना बनानी है और उन्हें मूर्त रूप देना है। इसके कारण भी योंजनाओं की गति प्रभावित हो रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तिलमा पंचायत में 40 पीसीसी सड़क के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा 31 गाय शेड, बकरी शेड, कूप, चेकडैम, बेरोजगारों को प्रशिक्षण, सभी योग्य लोगों को पेंशन, गगरी नदी में से तीन नहर के निर्माण का भी प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास, पांच जलमीनार और चापानल, डीप बोरिंग, सरना पूजा स्थल की घेराबंदी, सोलर लाइट लगाने की योजना है। जिला प्रशासन ने इन सभी विकास कार्यों का प्रस्ताव स्वीकृति के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू हो जाएगा। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा कि सांसद आदर्श ग्राम के लिए अलग से फंड मिलना चाहिए। अलग से बजट न होने के कारण अन्य गांवों के तर्ज पर ही आदर्श पंचायत में भी काम हो रहे हैं। इसमें अधिक समय तो लगेगा ही।
जनजातीय बहुल इस पंचायत में कुल 12 गांव हैं तिलमा, संडासोम, हटिंगचौली, पुटीदाग, डंगियादाग, कुजराम, तारूब, लतारहातू, बाड़ीलोंग, ओमटो, हाकाडूबा और करोड़ा। पंचायत की कुल आबादी 6573 है। इनमें अनुसूचित जनजातियों की आबादी 6032 है। अनुसूचित जाति की कुल जनसंख्या 141 और अन्य जातियों की संख्या 400 है। पंचायत में महिलाओं और पुरुषों की आबादी क्रमशः 3294 और 3279 है। पंचायत में कुल 1311 परिवार निवास करते हैं। पंचायत में औसत साक्षरता दर 55 प्रतिशत है। हालांकि कुजराम एक ऐसा गांव है, जहां की साक्षरता दर 93.95 फीसदी है।


 

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