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भाजपा नेत्री सुनीता गौड़ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर कुशीनगर जिले में चीनी मिल लगाने के लिए मांग की
By Deshwani | Publish Date: 12/8/2019 3:36:16 PM
भाजपा नेत्री सुनीता गौड़ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखकर कुशीनगर जिले में चीनी मिल लगाने के लिए मांग की

कुशीनगर। कुशीनगर जिले में चीनी मिल लगाने के लिए भाजपा नेत्री सुनीता गौड़ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की है। पत्र में लिखा है जिले में कुछ ऐसी भूमि है जो इस कार्य में इस्तेमाल करके कुशीनगर जनता की मांग को पूरा किया जा सकता है। जनपद में तीन सौ एकड़ जमीन पर रेशम उत्पादन पडरौना तहसील अंतर्गत किया जाता है। जबकि रेशम उत्पादन समुचित रुप से नहीं हो पा रहा है। इसी तरह जिले में गन्ना शोध संस्थान के रूप में पडरौना तहसील के लक्क्षमीपुर में  स्थित है। जिसका फार्म लगभग 70 एकड़ है। इस जमीन का उपयोग चीनी मिल निर्माण किया जा सकता है, क्योंकि एक चीनी मिल लगाने में लगभग 60 एकड़ जमीन की आवश्यकता पड़ती है। गौड़ ने कहा कि कुशीनगर जिले में सर्वाधिक क्षेत्र में गन्ना का उत्पादन किया जाता है। 

 
विदित है कि जब  हमारा देवरिया जिले था तभी गन्ना की बुआई अधिक क्षेत्रफल में होने के कारण पडरौना गन्ना जिला बना था। यानि देवरिया जिले में गन्ने के दो जिले बने थे। इस जिले में नौ चीनी मिलें लगी थी। जिसमें सेवरही, कटकुईयां, पडरौना ,रामकोला खेतान, रामकोला त्रिवेणी, लक्षमीगंज, कप्तानगंज, खड्डा, छितौनी  सथापित थी। जिसमें कटकुईयां और पडरौना चीनी मिल व्रिटिश इंडिया कार्पोरेशन की लगी थी। जो बंद हो गई। 
 
इसी तरह रामकोला खेतान, लक्षीगंज, खड्डा, छितौनी में स्थित चीनी मिलें उ० प्र० राज्य चीनी निगम  की लगी थी। जो बंद हो गई। इन सभी बंद चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्रफल घटा नहीं बल्कि  कुशीनगर के गन्ना किसान अपने गन्ने को पेराई करके गुड़ के रूप में उत्पादन करने लगे। इससे गन्ने किसानों का आर्थिक विकास  पूर्व की भांति न हो कर कम होने लगा। और उधर धीरे धीरे सरकारी सभी चीनी मिल फैक्ट्रियां बंद होने लगी। जिससेे जिले का गन्ना किसान आर्थिक रूप से कमजोर होने लगे।
 
उन्होंने पत्र में लिखा है कि  अपनी भाजपा की सरकार गन्ने किसानों को आर्थिक रूप से मज़बूत देखना चाहती है।इस कार्य के लिए एक और चीनी मिल लगाने की महती आवश्यकता है।
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