ब्रेकिंग न्यूज़
चीन से कच्चे माल की आपूर्ति में व्यवधान के संबंध में वित्त मंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाईजम्मू-कश्मीर में पंचायत उपचुनाव सुरक्षा मुद्दों और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की अनिच्छा के कारण स्थगितअशरफ गनी अफगानिस्तान के नए राष्ट्रपति चुने गएबिहार के गया में कोरोना वायरस के एक संदिग्ध मरीज को देखरेख के लिए अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में कराया गया भर्तीऔरंगाबाद में रफीगंज-शिवगंज पथ पर तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो में मारी टक्कर, दो मासूमों सहित 10 लोगों की मौतनफरत को खत्म करने, संविधान को बचाने, एन आर सी, सी ए ए जैसे काले कानून के खिलाफ भारत के गंगा-जमुनी तहजीब का नमूना है शाहीन बाग: पप्पू यादवधार्मिक कार्यक्रम में जा रहे हजारों भारतीयों को नेपाल ने करोना वायरस की आशंका से गुरुवार की रात्रि रोका, वार्ता के बाद आज मिली एन्ट्रीपुलवामा हमले के शहीदों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि
राज्य
कुशीनगर में महिला की हत्या के प्रयास में सात साल की सजा
By Deshwani | Publish Date: 6/7/2019 5:42:42 PM
कुशीनगर में महिला की हत्या के प्रयास में सात साल की सजा

कुशीनगर। भानु तिवारी। जिले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने महिला की हत्या के प्रयास में आरोपी को दोष सिद्ध ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई है। मामला विशुनपुरा थाना क्षेत्र के विशुनपुर बरियापट्टी के टोला सेमरवारी का है।

 
एडीजीसी अरुण कुमार दूबे ने बताया कि 2 अक्टूबर 2015 को सेमरवारी टोले की रहने वाली सुखली ने विशुनपुरा थाने में तहरीर दी थी कि उसका पति पूना में रहकर मजदूरी करता है। वह अपनी मां शमशुन नेशा के साथ घर पर रहती है। 1 अक्टूबर 2015 की रात उसकी मां घर में चटाई बिछाकर नमाज पढ़ रही थी तभी टोना-टोटका को लेकर गांव के ही अलाउद्दीन अंसारी घर में घुसकर धारदार हथियार से गर्दन पर वार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और मौके से फरार हो गया। आनन-फानन में उसकी मां को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र दुदही ले जाया गया जहां प्राथमिक इलाज के बाद डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल और वहां से मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया। 
 
इस मामले में तहरीर के आधार पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना प्रारंभ की। आरोपी के खिलाफ 18 मार्च 2016 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हो गया। न्यायालय में सुनवाई के लिए मुकदमे की वादी एवं उसकी घायल मां समेत कुल छह लोग साक्ष्य के लिए प्रस्तुत हुए। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने शनिवार को फैसला सुनाया। आरोपी को दोष सिद्ध ठहराते हुए न्यायाधीश ने उसे सात साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS