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पटना में डेंगू व चिकुनगुनिया से बचाव के लिए शुरू हुआ व्यापक अभियान, 24 टीम कर रही है कार्य
By Deshwani | Publish Date: 6/10/2019 8:47:20 PM
पटना में डेंगू व चिकुनगुनिया से बचाव के लिए शुरू हुआ व्यापक अभियान, 24 टीम कर रही है कार्य

पटना शहर में बाढ़ के बाद फ़ैलने वाली बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। शहर के बाढ़ ग्रस्त इलाकों में पानी स्तर में कमी आई है। कुछ इलाकों से पूरी तरह पानी की निकासी भी हो चुकी है। इन सब के बीच मच्छर एवं पानी जनित रोगों के फ़ैलने की संभावना भी बढ़ गयी है। इसको ध्यान में रखते हुये स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा डायरिया, सर्पदंश, फंगस संक्रमण एवं मच्छर से फ़ैलने वाले रोग जैसे डेंगू, मलेरिया एवं चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए ब्लीचिंग पाउडर एवं चूना, ओआरएस पैकेट, ज़िंक सल्फेट, स्किन क्रीम एवं सर्पदंश की दवाओं का पर्याप्त मात्रा में भंडारण किया गया है, 104 कॉल सेंटर की सेवा चौबीस घंटे प्रदत्त की गयी हैं तथा एम्बुलेंस की उपलब्धता का भी इंतज़ाम किया गया है|

 
35 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर : 
 
बाढ़ के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों को लेकर प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत जानकारी दी है। यह बताया गया है कि शहर के लोगों को विशेष चिकित्सकीय सुविधा प्रदान करने के लिए शहर के 35 पूजा पंडालों में  स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं। जबकि 22 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है। 
 
 
साथ ही बताया कि दिनांक 10, 11 एवं 12 अक्टूबर को पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल तथा नालंदा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल , पटना में डेंगू, चिकुंगुनिया के जांच हेतु निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
 
कुल 7 स्ट्रेचर सहित एंबुलेंस की तैनाती:
 
 प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पीड़ितों के लिए स्ट्रेचर की व्यवस्था सही धनुष ब्रिज पर 5, हनुमान नगर व पत्रकार नगर क्षेत्र में 1 तथा साई मंदिर तथा लोहिया नगर में 1 अर्थात कुल 7 स्ट्रेचर सहित एंबुलेंस की तैनाती आमजन हेतु की गयी है।
 
10 राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल:
 
 राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग कि तरफ से 10 राज्य कार्यक्रम पदाधिकारियों को काम पर लगाया गया है। साथ ही जिला प्रशासन के साथ 12 चिकित्सा दलों को भी शामिल किया गया है। 
 
प्रचार-प्रसार पर ज़ोर एवं छिड़काव :
 
बीमारियों से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार का भी सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए 4 मानव चलित रिक्सा से डेंगू बचाव पर जागरूकता फैलाई जा रही है। साथ ही 20 ई-रिक्सा पर रेडियो जिंगल की सहायता से महामारी की रोकथाम पर प्रचार किया जा रहा है।  बाढ़ के बाद मच्छरों का प्रकोप पूरे शहर में बढ़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुये जो 12 दलों के द्वारा ई-रिक्सा से लार्वा का छिड़काव किया जा रहा था, वह बढ़ा कर  24 दिये गए हैं| 17 दल ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव में लगे है। वैशाली गोलंबर से राजेन्द्र नगर तक जेसीबी के ऊपर बैठ कर 2 दल  जलजमाव वाले क्षेत्र में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर रहे हैं एवं आधा किलो ब्लीचिंग पाउडर प्रत्येक घर में वितरित कर रहे हैं। 
 
ब्लीचिंग पाउडर निर्माण में तेजी:
 
 ब्लीचिंग पाउडर की खपत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने फुलवारी शरीफ एवं वैशाली जिला में पटना के लिए ब्लीचिंग पाउडर के निर्माण में तेजी लायी है। फुलवारी शरीफ में ब्लीचिंग पाउडर के आधा किलो के 6 हजार पैकेट एवं वैशाली जिला में पटना के लिए ब्लीचिंग पाउडर के आधा किलो के 5 हजार पैकेट प्रतिदिन निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। 
 
प्रधान सचिव, स्वास्थ्य विभाग की अपील:
 
 
प्रधान सचिव ने जलजमाव की समस्या से जूझ रहे लोगों से अपील की है कि वे हुमेशा स्वच्छ पानी उबला हुआ  या फिर क्लोरीन से साफ किया हुआ पानी ही पीएं। खाने से पूर्व तथा शौच के बाद हमेशा साबुन का उपयोग करें, मच्छर बचाव हेतु हौमेशा क्रीम एवं सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें तथा संक्रामण की स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य शिविर अथवा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान से संपर्क करें।
एंबुलेंस की सुबिधा हेतु टोल फ्री न॰ 102 एवं चिकित्सीय परामर्श व सुझाव हेतु टोल फ़्री न॰ 104 पर संपर्क करें।
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