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नेपाल
स्वतंत्र विदेश नीति के तहत भारत और चीन से करीबी संबंध बनाए रखेगा नेपाल
By Deshwani | Publish Date: 23/6/2018 6:24:42 PM
स्वतंत्र विदेश नीति के  तहत भारत और चीन से करीबी संबंध बनाए रखेगा नेपाल

बीजिंग। नेपाल के प्रधानमंत्री के . पी. शर्मा ओली ने कहा है कि भारत और चीन के बीच उनका देश एक पुल का काम कर सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नेपाल स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करते हुए अपने दोनों पड़ोसियों से करीबी संबंध कायम रखेगा। पांच दिन की चीन यात्रा पर आए ओली ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली किं्वग से वार्ता की। वार्ता के बाद तिब्बत को काठमांडो से जोडऩे वाले रेल लिंक के निर्माण के लिए एक सहमति - पत्र पर दस्तखत किए गए। इसके अलावा , सहयोग के 14 दस्तावेजों पर भी दस्तखत किए गए।

 
चीन के सरकारी अखबार को दिए गए इंटरव्यू में ओली ने कहा कि उनकी सरकार के गठन के बाद से ही नेपाल ने अपने दोनों पड़ोसियों के साथ संवाद बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा , ‘हमने साफ कर दिया है कि हम अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मामले में स्वतंत्र विदेश नीति का पालन करते हैं और एक संतुलित दृष्टि रखते हैं।’ ओली ने कहा , ‘विदेश नीति के मामले में हमारे दोनों पड़ोसियों को स्वाभाविक तौर पर शीर्ष प्राथमिकता दी जाती है और उन दोनों के साथ हमारे रिश्ते व्यापक , समग्र और बहुआयामी हैं।’
 
यह पूछे जाने पर कि नेपाल चीन और भारत के बीच ‘प्रतिस्पर्धा की जमीन’ के तौर पर काम करेगा या ‘सहयोग के पुल’ के तौर पर , इस पर ओली ने कहा कि नेपाल अपने समूचे इतिहास में एक संप्रभु और स्वतंत्र राष्ट्र रहा है। उन्होंने कहा , ‘हम अपनी सरजमीं का इस्तेमाल अपने पड़ोसियों के संप्रभु हितों के खिलाफ नहीं होने देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम में इसे कायम रखने की दृढ़ता है और हम स्वाभाविक तौर पर अपने पड़ोसियों से ऐसा ही आश्वासन चाहते हैं।’
 
ओली ने कहा कि इस नीतिगत धारण के मद्देनजर में ‘अपने तीनों देशों के बीच सहयोग की अच्छी संभावना देखता हूं।’ तिब्बत - काठमांडू रेल संपर्क पर ओली ने कहा , ‘सीमा पार संपर्क हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। दोनों पक्षों ने एक बहुआयामी हिमालय - पार संपर्क नेटवर्क विकसित करने पर चर्चा की है। इससे हमारे दोनों देशों के बीच समग्र संपर्क बढ़ेगा। दोनों देश सीमा पार रेल संपर्क स्थापित करने के लिए गंभीरतापूर्वक काम कर रहे हैं। केरुंग - रसुवागढ़ी - काठमांडू - पोखरा - लुंबिनी रेल परियोजना को हमारी साझेदारी में प्राथमिकता मिली है।’
 
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