ब्रेकिंग न्यूज़
पुलिस मुठभेड़ में मारा गया इनामी अपराधी मुचकुंद, 50 से अधिक मामलों में थी तलाशट्रक-बाइक की भिड़ंत में तीन परीक्षार्थियों की दर्दनाक मौतसचिन पायलट बनाए गए राजस्‍थान के उप मुख्‍यमंत्री, गहलोत होंगे सीएम'सिंबा' के नए गाने 'तेरे बिन..' में नजर आया रणवीर सिंह और सारा अली खान का रोमांसअब नेपाल में हुई नोटबंदी, आज से नहीं चलेंगे 200, 500 और 2000 के 'भारतीय नोट'राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लोकसभा में हंगामा, कार्यवाही 17 दिसंबर तक स्थगितबीपीएससी 64वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा 16 दिसंबर को, 4.71 लाख से अधिक अभ्यार्थी होंगे शामिलपरिणय सूत्र में बंधे ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट और सोमबीर राठी
नेपाल
नेपाली प्रधानमंत्री का फरमान: मंत्री 6 माह में सीखें लैपटॉप नहीं तो होगी छुट्टी
By Deshwani | Publish Date: 31/5/2018 3:20:49 PM
नेपाली प्रधानमंत्री का फरमान: मंत्री 6 माह में सीखें लैपटॉप नहीं तो होगी छुट्टी

काठमांडू। नेपाल सरकार ने अपने मंत्रियों के लिए फरमान जारी किया है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने  मंत्रियों को चेतावनी दी है कि अगर वे 6 महीने के भीतर लैपटॉप चलाना नहीं सीख पाए तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाएगा। ओली फरवरी में दूसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय को छह महीने के भीतर कागज मुक्त बनाया जाएगा।

 
‘काठमांडो पोस्ट’के अनुसार नेपाल राष्ट्रीय शिक्षक संगठन के 12 वें महा सम्मेलन में उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद में शामिल कोई भी शख्स जिसे लैपटॉप चलाना नहीं आता है, उसे बर्खास्त कर दिया जाएगा। ओली ने कहा, ‘‘मैंने पहले ही मंत्रिपरिषद की बैठक में कहा है कि हम छह महीने के भीतर कार्यालय को कागज मुक्त बना देंगे और बैठक के कार्यक्रम और एजेंडा पर चर्चा लैपटॉप का इस्तेमाल करके की जाएगी।’’
 
उन्होंने कहा कि मंत्री लैपटॉप चलाने में छह महीने के लिये अपने सहायकों की मदद ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि  छह महीने के बाद खुद से लैपटॉप न चला पाने वाले मंत्री की हम छुट्टी कर देंगे।ओली ने कहा कि बर्खास्त मंत्रियों को लैपटॉप दिया जाएगा ताकि वे अपने अगले कार्यकाल तक उसे चलाना सीख सकें। ओली ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक निश्चित अवधि के भीतर नेपाल को सूचना प्रौद्योगिकी के अनुकूल देश बनाना है।
 
नेपाल की एक प्रमुख मधेसी पार्टी फेडरल सोशलिस्ट फोरम (एफएसएफ) ने देश की कम्युनिस्ट सरकार में शामिल होने का फैसला किया है। इससे पहले एफएसएफ और प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की पार्टी के बीच एक समझौता हुआ कि सरकार मधेसियों की ‘उचित’मांगों पर गौर करेगी।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS