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नेपाल के जानकी मंदिर में षोडशोपचार पूजा में शामिल होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी
By Deshwani | Publish Date: 11/5/2018 4:57:05 PM
नेपाल के जानकी मंदिर में षोडशोपचार पूजा में शामिल होने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने मोदी

जनकपुर। नेपाल के दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी हवाईअड्डे से सीधे जानकी मंदिर पहुंचे। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंदिर परिसर में मोदी का स्वागत किया। मोदी मंदिर में करीब 45 मिनट बिताएं। प्रधानमंत्री ने षोडशोपचार पूजा में भी शामिल हुए। मंदिर में मोदी द्वारा प्रार्थना किए जाने के दौरान सीता और राम के भजन बजाए गए। जानकी मंदिर में षोडशोपचार पूजा केवल विशेष अतिथि ही करते हैं। इसमें तांत्रिक मंत्रोपचार समेत 16 विधि-विधान से पूजा की जाती है। इस धार्मिक संस्कार के दौरान सीता जी की पूजा की जाती है और उन्हें पोशाकों और आभूषणों से सजाया जाता है।

 

मंदिर के पुजारी रामातपेश्वर दास वैष्णव ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी, ज्ञानी जैल सिंह और प्रणब मुखर्जी ने अपनी नेपाल यात्राओं के दौरान यह पूजा की थी। मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने यह पूजा की। मोदी के स्वागत के लिए हजारों लोग जानकी मंदिर परिसर में जुटे। जानकी मंदिर भगवान राम की पत्नी सीता का जन्म स्थान माना जाता है। सीता की याद में यह मंदिर 1910 में बनाया गया था। तीन तल वाला यह मंदिर पूरी तरह पत्थर और संगमरमर का बना हुआ है।

 

पूजा के बाद प्रधानमंत्री मोदी का बरबीघा मैदान में नागरिक अभिनंदन किया गया। नेपाल और भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मोदी और ओली संयुक्त रूप से रामायण सर्किट लॉन्च किया। इससे पहले नेपाल के रक्षा मंत्री ईश्वर पोखरेल और प्रांत -2 के मुख्यमंत्री लालबाबु राउत ने हवाईअड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी की नेपाल की यह तीसरी यात्रा है। प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के नेतृत्व में इस वर्ष नयी सरकार के गठन के बाद भारत की ओर से किया जाने वाला यह पहला उच्च स्तरीय दौरा है।

 

वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष के. पी. शर्मा ओली ने आज साथ मिलकर हिंदुओं के दो पावन स्थलों - जनकपुर और अयोध्या के बीच सीधी बस सेवा का उद्घाटन किया। मोदी ने इस बस सेवा का उद्घाटन करते हुए कहा, जनकपुर और अयोध्या जोड़े जा रहे हैं। यह बस सेवा नेपाल और भारत में तीर्थाटन को बढ़ावा देने से संबंधित रामायण सर्किट का हिस्सा है। मोदी ने 20 वीं सदी के प्रसिद्ध जानकी मंदिर में पहुंचने और पूजा-अर्चना करने के उपरांत इस बस सेवा का शुभारंभ किया।

 

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