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राष्ट्र ने 12वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया
By Deshwani | Publish Date: 25/1/2022 9:31:13 PM
राष्ट्र ने 12वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया

दिल्ली। भर में आज 25 जनवरी, 2021 को 12वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडु ने इस अवसर पर वर्चुअल तौर पर अपना संदेश दिया। अपने संदेश में, उन्होंने मतदाताओं द्वारा अधिक संख्या में मतदान करने और चुनाव प्रक्रिया के प्रति उनकी निष्ठा को बढ़ाने को लेकर लगातार प्रयासों के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की। उन्होंने पिछले चुनावों में सराहनीय प्रदर्शन के लिए आज सम्मानित किए जा रहे पुरस्कार विजेताओं की सराहना की। पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री नवीन चावला और श्री सुनील अरोड़ा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों जैसे एआईटीसी, बसपा, भाजपा, भाकपा, कांग्रेस, नेशनल पीपुल्स पार्टी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय हस्तियों और भारत निर्वाचन आयोग के सर्वोत्तम चुनावी प्रक्रिया पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं ने आज के कार्यक्रम में भाग लिया।


 



 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त, श्री सुशील चंद्रा ने चुनावों को अधिक समावेशी, सुलभ और सहभागी बनाने के लिए आयोग के दृढ़ संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के राष्ट्रीय मतदाता दिवस का विषय विशेष रूप से उसी के अनुसार चुना गया है। श्री चंद्रा ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने दो दिशाओं में जबरदस्त प्रयास किए हैं, पहला - मतदाताओं के पंजीकरण को बढ़ाने और उसे सुविधाजनक बनाने के लिए और दूसरा - मतदान केंद्रों को अधिक अनुकूल, आरामदायक तथा सुलभ बनाने के लिए। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने लगातार प्रयास किए हैं और वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांगजनों की भागीदारी को सशक्त बनाने और सुविधा प्रदान करने के लिए अतिरिक्त प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आयोग ने पोस्टल बैलेट का विकल्प देकर उन लोगों के दरवाजे तक मतदान केंद्र पहुंचाया है, जिन्हें मतदान करने के लिए मतदान केंद्र पर जाना मुश्किल हो रहा था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सभी फील्ड पदाधिकारियों, बूथ स्तर के अधिकारियों, सुरक्षा कर्मियों और सीएपीएफ के सदस्यों की सराहना की जिन्होंने महामारी के चुनौतीपूर्ण समय के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन किया और चुनाव को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होने दिया।

केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री श्री किरेन रिजिजू इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। श्री रिजिजू ने कहा कि प्रत्येक मतदाता को अपने मतदान के अधिकार को महत्व देना चाहिए और यह महसूस करना चाहिए कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में मतदाता होना एक सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि एक सफल लोकतंत्र की नींव मजबूत चुनावी प्रक्रियाओं पर निर्भर है। उन्होंने नवीनतम चुनावी सुधारों पर प्रकाश डाला, जो युवा पात्र नागरिकों के लिए वर्ष में चार बार पंजीकरण की सुविधा प्रदान करते हैं। संवैधानिक अधिकारियों की स्वतंत्रता की आवश्यकता को महत्व देते हुए, श्री रिजिजू ने उनकी स्वतंत्रता से समझौता किए बिना समन्वित कामकाज की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री रिजिजू ने सुझाव दिया कि भारत निर्वाचन आयोग निर्वाचन संबंधी कर्तव्यों का पालन करते हुए अपने जीवन का बलिदान करने वाले मतदान कर्मियों को सम्मानित करने के लिए मरणोपरांत पुरस्कारों की शुरुआत कर सकता है।



अपने व्यक्तव्य में निर्वाचन आयुक्त श्री राजीव कुमार ने कहा कि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक तौर-तरीकों की परंपरा भारत में गहरी जड़ें जमा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान को अपनाने से एक दिन पहले भारत निर्वाचन आयोग को एक संवैधानिक निकाय के रूप में स्थापित करने का महत्वपूर्ण विकास हमें लोकतंत्र की भावना और अपने नागरिकों के संकल्प का उत्सव मनाने के लिए हमारे संस्थापकों की प्रतिबद्धता की याद दिलाता है। श्री कुमार ने दोहराते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को समान अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि मतदाता बिना किसी डर या पक्षपात के इस प्रक्रिया में भाग ले सकें। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के पास वास्तविकता के विभिन्न चरणों में सुधार की कई योजनाएं हैं, चुनावों का भविष्य वास्तव में गतिशील संभावनाओं से भरा है, खासकर चुनावी प्रक्रियाओं में सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग और मतदाताओं के कल्याण के लिए।
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