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केंद्रीय कैबिनेट ने कोलकाता में ''ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर'' को दी मंजूरी, मास ट्रांजिट सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
By Deshwani | Publish Date: 7/10/2020 5:41:13 PM
केंद्रीय कैबिनेट ने कोलकाता में ''ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर'' को दी मंजूरी, मास ट्रांजिट सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

कोलकाता। केंद्र की मोदी सरकार ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 8,575 करोड़ रुपये लिए मंजूर किए हैं। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट की कुल रूट लंबाई 12 स्टेशनों से 16.6 किलोमीटर है। इस परियोजना से यातायात में आसानी होगी। 

 
कैबिनेट के निर्णयों पर बुधवार को सरकार की तरफ से जानकारी दी गई। इस जानकारी को साझा करने के लिए सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान मीडिया से मुखातिब हुए। सरकार की तरफ से कोरोना वैक्सीन, ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट समेत कई मुद्दों पर जानकारी दी गई।
 
केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कोरोना वैक्सीन को लेकर कहा कि मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और हाथ धोना कोरोना वैक्सीन के अभाव में सुरक्षित रहने के लिए एकमात्र हथियार हैं। सार्वजनिक स्थानों पर इन उपायों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के अभियान को जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।  
 
जापान के साथ साइबर सुरक्षा पर पारस्परिक आदान-प्रदान होगा
जापान के साथ भारत के रिश्तों पर जानकारी देते हुए जावड़ेकर ने बताया कि जापान के साथ सहयोग ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसमें दोनों देशों के बीच साइबर सुरक्षा और अन्य सहयोग पर ज्ञान और प्रौद्योगिकी का पारस्परिक आदान-प्रदान किया जाएगा। 
 
उन्होंने बताया कि कनाडा के साथ एक अन्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसमें भारत के जूलॉजिकल सर्वे और कनाडा में इसी तरह के निकाय ने पशु जनन के बार-कोडिंग पर सहमति व्यक्त की है।  
 
सात खतरनाक रसायनों पर लगा प्रतिबंध
जावड़ेकर ने कहा, हमने स्टॉकहोम कन्वेंशन का अनुसमर्थन भी किया है। स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरनाक सात रसायनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। भारत दुनिया को एक सकारात्मक संदेश दे रहा है कि हम इस क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और हम स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरे को बर्दाश्त नहीं करते हैं।  
 
जीवाश्म ईंधन पर कम हो रही निर्भरता
केंद्रीय कैबिनेट के फैसलों पर जानकारी देने के लिए पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद रहे। प्रधान ने बताया कि जीवाश्म ईंधन के आयात पर हमारी निर्भरता कम हो रही है। प्राकृतिक गैस मूल्य निर्धारण तंत्र को पारदर्शी बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने आज एक मानकीकृत ई-बोली प्रक्रिया को मंजूरी दी। ई-बिडिंग के लिए दिशानिर्देश बनाए जाएंगे। 
 
उन्होंने कहा, सरकार भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ती कीमत पर ऊर्जा उपलब्ध कराना चाहती है। इसके लिए हम विभिन्न स्रोतों जैसे सौर, जैव-ईंधन, जैव-गैस, सिंथेटिक गैस और कई अन्य माध्यमों से ऊर्जा प्रदान करना चाहते हैं। 
 
ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
वहीं, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि कैबिनेट ने आज 8,575 करोड़ रुपये की लागत से ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट को पूरा करने की मंजूरी दे दी। इससे मास ट्रांजिट सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा। 
 
उन्होंने कहा, ईस्ट-वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर प्रोजेक्ट की कुल रूट लंबाई 16.6 किमी और इस पर 12 स्टेशन होंगे। यह परियोजना यातायात भीड़ को कम करेगी, शहरी संपर्क को बढ़ाएगी और लाखों दैनिक यात्रियों के लिए एक स्वच्छ गतिशीलता समाधान प्रदान करेगी।  
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