ब्रेकिंग न्यूज़
मोतिहारी के चकिया में दो प्रवासी कामगारों की एक्सीडेंट में हुई मौत, बाइक पर सवार हो दिल्ली से जा रहे थे दरभंगा, रास्ते में हुई दुर्घटनामोतिहारी की पीपराकोठी में एसएसबी ने करीब 2 करोड़ मूल्य की मॉरफीन पकड़ी, वाहन जब्त, ड्राइवर भी गरफ्तारदेश के अलग-अलग हिस्सो से रक्सौल आए 470 लोगों को किया गया होम क्वारेंटाइनरक्सौल शहर के नागारोड में पुलिस ने छापेमारी कर 100 बोतल नेपाली शराब व 2 किलो 700 ग्राम गांजा किया जप्तसमस्तीपुर में बूढ़ी गंडक नदी में मिली लापता किशोर की लाशश्रमिक स्पेशल ट्रेन में प्रसव पीड़ा पर पहुंची मेडिकल टीम, बच्ची ने ली जन्मपुणे से आए प्रवासी की क्वारंटाइन सेंटर में मौतसमस्तीपुर में फिर मिला सात कोरोना पॉजिटिव, जिले में 65 हुई पॉजिटिव की संख्या
राष्ट्रीय
राहुल गांधी का अध्यक्ष पद छोड़ना कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी समस्या: सलमान खर्शीद
By Deshwani | Publish Date: 9/10/2019 11:50:54 AM
राहुल गांधी का अध्यक्ष पद छोड़ना कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी समस्या: सलमान खर्शीद

नयी दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने पार्टी की हालत पर चिंता जताते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव हार के बाद राहुल गांधी के इस्तीफे से संकट बढ़ा है। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हमारे नेता ही छोड़ गए। वहीं खुर्शीद ने कहा कि पार्टी संघर्ष के ऐसे दौर से गुजर रही है, जिसमें हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी के जीतने की संभावना ही नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे स्तर पर पहुंच गई है कि केवल आगामी विधानसभा चुनावों में बल्कि यह अपना भविष्य तक नहीं तय कर सकती है।
 
उन्होंने कहा कि राहुल के इस्तीफे के फैसले के कारण पार्टी को लोकसभा चुनाव में मिली हार को लेकर जो जरूरी आत्मनिरीक्षण करना था वो भी नहीं कर पाई। खुर्शीद ने कहा कि हम तो विश्लेषण के लिए भी एकजुट नहीं हो सके और न ही चर्चा कर सके कि आखिर चुनाव में हम लोग क्यों हारे। उन्होंने कहा कि पार्टी के सामने सबसे बड़ी समस्या यह खड़ी हो गई कि किसी भी मंथन से पहले हमारे नेता ने ही हमें छोड़ दिया। बता दें कि लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका है जब किसी कांग्रेसी नेता ने खुलकर राहुल गांधी के इस्तीफे के लिए छोड़ जाने जैसे शब्द का इस्तेमाल किया है।
 
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने राहुल गांधी के इस्तीफे को लेकर कहा कि मैं नहीं चाहता था कि राहुल गांधी इस्तीफा दें। मेरी राय थी कि वह पद पर रहें. मैं मानता हूं कि कार्यकर्या भी यही चाहते थे कि वह बने रहें और नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि यह एक खालीपन जैसा है। सोनिया गांधी ने दखल दिया है, लेकिन साफ संदेश है कि वह एक अस्थायी व्यवस्था के तौर पर हैं। मैं ऐसा नहीं चाहता।
 
गौरतलब है कि कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में 542 सीटों में से सिर्फ 52 सीट ही मिल पाई थी जबकि पीएम नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने 2014 में 282 सीटें को मुकाबले 2019 में 303 सीटों पर जीत हासिल की।

image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS