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मनमोहन सिंह की अगुआई में कांग्रेस की बैठक संपन्न, जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने पर हुई चर्चा
By Deshwani | Publish Date: 2/7/2018 3:21:48 PM
मनमोहन सिंह की अगुआई में कांग्रेस की बैठक संपन्न, जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने पर हुई चर्चा

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी और पीडीपी की गठबंधन सरकार टूटने के बाद राज्य में राज्यपाल शासन है। लेकिन इस बीच एक बार फिर राज्य में सरकार बनाने की कोशिशें तेज हुई हैं। आज नई दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के नेताओं संग इस मुद्दे पर चर्चा की।


मनमोहन सिंह के घर पर दोपहर साढ़े ग्यारह बजे कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में कश्मीर के सियासी मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में गठबंधन को लेकर चर्चा हुई। जम्मू-कश्मीर में हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने महबूबा सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। इसके बाद जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाया गया। सरकार गिरने के बाद कांग्रेस और पीडीपी के गठबंधन के कयास भी लगाए जा रहे थे। 89 सदस्यों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कांग्रेस के 12 और पीडीपी के 28 विधायक हैं। 

 बैठक के बाद कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने कहा कि हमारी मांग है कि राज्य में जल्द से जल्द चुनाव हो। उन्होंने बताया कि हमनें राज्य के करीब 100 नेताओं को बैठक में बुलाया था। इसमें सांसद, विधायक, पूर्व सांसद-विधायक समेत कई लोग शामिल थे।


दरअसल, जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती भी आज दिल्ली में ही हैं और इस प्रकार के कयास लगाए जा रहे हैं कि वह यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी से मिल सकती हैं। हालांकि, अंबिका सोनी ने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।


आज हुई जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस के प्लानिंग ग्रुप की बैठक में मनमोहन सिंह, अंबिका सोनी के अलावा कर्ण सिंह, गुलाम नबी आज़ाद और पी. चिदंबरम जैसे नेता शामिल हुए। दरअसल, कांग्रेस और पीडीपी दोनों खेमों में इस बात को लेकर आशंका है कि राज्य के बदलते माहौल और अमरनाथ यात्रा को लेकर चुनौती को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार राज्यपाल एन एन वोहरा की जगह किसी और को राज्यपाल नियुक्त कर सकती है।


आपको बता दें कि कांग्रेस को पीडीपी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन के लिए घाटी में पीडीपी की धुर विरोधी नेशनल कांफ्रेस (एनसी) से अपना रिश्ता तोड़ना होगा या तो एनसी को अपने विश्वास में लेना होगा।

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