ब्रेकिंग न्यूज़
ड्रग्स मामला: रिया-शौविक की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षितमहागठबंधन से अलग हुआ रालोसपा, उपेंद्र कुशवाहा ने मायावती की बसपा के साथ मिलकर बनाया नया मोर्चाबिहारी मूल के निर्देशक अभिषेक के इस गाने मे पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे भी आ रहें हैं नज़रबिधान सभा चुनाव को लेकर रक्सौल पुलिस और नेपाल पुलिस अधिकारियों के बीच हुई बैठकहाथरस गैंगरेप पर प्रियंका गांधी ने योगी सरकार पर हमला बोला, कहा-यूपी में कानून व्यवस्था हद से ज्यादा बिगड़ चुकी हैगैंगरेप पीड़िता के भाई ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप, आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग कीअयोध्या के विवादित ढांचा विध्वंस मामले में फैसला कल, अयोध्या समेत समूचे उत्तर प्रदेश में हाई अलर्टप्रधानमंत्री मोदी ने नमामि गंगे के तहत 521 करोड़ की परियोजनाओं का उत्तराखंड में किया लोकार्पण
बिहार
दिव्या शक्ति ने पहले प्रयास में ही सिविल सर्विस परीक्षा में मारी बाजी
By Deshwani | Publish Date: 4/8/2020 6:52:30 PM
दिव्या शक्ति ने पहले प्रयास में ही सिविल सर्विस परीक्षा में मारी बाजी

बेतिया। उपेंद्र नाथ तिवारी। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रिटायर्ड अधीक्षक डा. डीके सिंह की सबसे छोटी पुत्री दिव्या शक्ति ने पहले प्रयास में ही यूपीएससी में सफलता प्राप्त की है। उन्हें ऑल इंडिया में 79 रैंक प्राप्त हुआ है। दिव्या शक्ति की इस उपलब्धि से पूरा परिवार प्रसहै। बधाई देने वालों को तांता लगा हुआ है। 




सारण जिला अंतर्गत कोठेयां में पली-बढ़ी दिव्या शक्ति दसवीं की परीक्षा मुजफ्फरपुर से 2008 में पास की। 12 वीं बोकारो डीपीएस से किया । इसके बाद बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड एमएसी इंकॉनोमिक्स 2016 में पिलानी से किया। करीब दो साल तक मुम्बई स्थित जेपी मॉर्गेन कंपनी में नौकरी की। नौकरी के दौरान ही यूपीएससी करने का मन बनाया और 2018 में नौकरी छोड़ दी। करीब छह माह दिल्ली में रहकर तैयारी की। इस दौरान उन्होंने यूपीएससी से संबंधित सामग्री जुटाई। कुछ माह इससे संबंधित कोचिंग भी की और उसके बाद घर वापस लौट गई। घर पर ही तैयारी करने लगी। कहा जाता है कि सही लग्न के साथ सही दिशा में की कई मेहनत जरुर रंग लाती है। दिव्या शक्ति के साथ भी वहीं हुआ। 



उन्होंने अपनी कठिन परिश्रम और लग्न के बदौलत प्रथम प्रयास में ही सफलता को प्राप्त कर लिया। दिव्या शक्ति ने कहा कि इंटरव्यू के कुछ दिन पहले ही उनके पाता कोरोना पॉजेटिव हो गए थे। नतीजतन उनका पूरा परिवार परेशान हो गया। वे भी कुछ दिनों के लिए चिंतित हो गई। लेकिन परिवार का स्पोर्ट मिला। वे आगे बढ़ी और सफलता को अपनी झोली में कर लिया। दिव्या शक्ति दो बहन एक भाई में सबसे छोटी है। बड़े भाई गुड़गांव में प्राइवेट कंपनी में मैनेजर के पद पर है। बहन केंद्रीय विद्यालय भटिंडा से पीएचइडी कर रही है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता डा. डीके सिंह, माता मंजूल प्रभा, सहित पूरे परिवार को दिया है। ईश्वर का भी धन्यवाद किया। कहा हर मुश्किल समय में उनका साथ मिला है।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS