मुजफ्फरपुर
बूढ़ी गंडक के खतरे के निशान से ऊपर बहने से मुजफ्फरपुर शहर के निचले इलाकों में खतरा
By Deshwani | Publish Date: 21/8/2017 11:13:27 AM
बूढ़ी गंडक के खतरे के निशान से ऊपर बहने से मुजफ्फरपुर शहर के निचले इलाकों में खतरा

मुजफ्फरपुर, (हि.स)| मुजफ्फरपुर शहर के कमरा मोहल्ला, सिकंदरपुर एवं चंदवारा, पानिकल चौक, हाल साहेब की कोठी और बीएमपी 6 के इलाके में स्लुइस गेट बंद होने के बाद भी पानी का रिसाव तेजी से हो रहा है। इन स्लुइस गेटो से पानी का रिसाव तेजी से होता रहा। इससे शहर में भी बाढ़ के पानी के घुसने की आशंका बनी हुई है। आस-पास के कई मोहल्ले के लोगों में दहशत है। नदी से रिस रहे पानी को पंपिंग सेट की मदद से दोबारा नदी में फेंकने में निगम को पसीना छूट रहा है। स्लुइस गेट से हो रहे पानी के रिसाव ने निगम को बेचैन कर दिया है। पानी को दोबारा नदी में फेंकने में नगर निगम का पंप भी हांफने लगा है। 

वहीं दूसरी ओर करीब दो दर्जन वार्डो के गंदा पानी की निकासी भी बंद हो गई है। इससे भी कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बनी हुई है। इससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि नगर निगम का दावा है कि रिसाव को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। पंपिंग सेट लगा कर पानी को दोबारा नदी में फेंका जा रहा है। 

गौरतलब है कि बूढ़ी गंडक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। यह लाल निशान 52.53 मीटर पार करते हुए 53.12 मीटर पर पहुंच गई है। 2007 में सबसे ज्यादा 54.29 मीटर पर पानी पहुंचा था। इस बार रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है। बूढ़ी गंडक में एकाएक जलस्तर बढ़ने से शनिवार को मुजफ्फरपुर शहर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। शहरी इलाके में आधा दर्जन वार्ड बाढ़ की चपेट में हैं। दूसरी ओर शहर के निचले हिस्से में स्थित लस्करीपुर, कोल्हुआ, शेखपुर, सहबाजपुर व बड़ा जगन्नाथ पंचायत का अधिकांश हिस्सा पानी से लबालब है। एनडीआरएफ की टीम लोगों को निकाल रही है। जिधर नजर जा रही है, उधर केवल पानी ही पानी नजर आ रहा है। शहर के आधा दर्जन वार्डो के निचले हिस्से में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। लोग वहां से भागकर बांध पर शरण लिए हुए हैं। अचानक पानी बढ़ने से बहुत से लोग अपना सबकुछ छोड़कर भाग रहे हैं। मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड एक, 12, 13, 14, 15 व 45 में बाढ़ की स्थिति है। बांध के नीचे बसे इन वार्डो के इलाके पानी से डूब गए हैं। सिकंदरपुर मुक्तिधाम मोहल्ले के लोग शवदाह गृह के बगल में बने प्रतीक्षालय व छत के साथ बांध पर शरण लिए हुए हैं। महाकाल मंदिर के पुजारी शौकीलाल मंडल ने बताया कि अचानक दोपहर में बस्ती में बाढ़ का पानी घुस गया। इस कारण करीब 125 घर डूब गए हैं। जैसे-तैसे लोग अपना सामान निकालकर बांध तक आए। बाढ़ से प्रभावित सिकंदरपुर कुंडल, सीढ़ीघाट, कर्पूरीनगर, आश्रमघाट, बालूघाट, लकड़ीढाई, सैनिक कॉलोनी, चंदवारा सोडा गोदाम इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया है। बहुत से लोग अमर शहीद खुदीरामबोस चिताभूमि स्थल पर शरण लिए हुए हैं।

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