ब्रेकिंग न्यूज़
मोतिहारी के मधुबन में बारात में चली गोली, गोढ़वा के युवक की मौत, आर्म्स के साथ एक गिरफ्तारमोतिहारी के चकिया ट्रक की चपेट में आकर बाइक सवार दो की मौके पर मौत, तीसरा घायल, लोगों ने रात में ही कर दी सड़क जामसमस्तीपुर में मौत बनकर गिरी आकाशीय बिजली, आठ लोगों की मौतअमेरिकी कांग्रेस की हाउस सलेक्ट कमेटी ने 2050 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का रोड़मैप किया जारीगोपालगंज में शिक्षा विभाग के क्लर्क को अपराधियों ने दिनदहाड़े मारी गोली, मौतदेश में 347978 कोविड-19 रोगी हुए स्वस्थ, स्वस्थ होने वालों की दर 59.43 प्रतिशत हुईअनलॉक-2 को लेकर देश में नये दिशा-निर्देश जारीपश्चिम चंपारण: बाढ़ की संभावना के मद्देनजर सभी पदाधिकारी रहें सतर्क- कुंदन कुमार
जरूर पढ़े
महिलाओं का अनोखा दंगल: गांव की घूंघट वाली महिलाएं दंगल में दिखाती हैं दांवपेंच
By Deshwani | Publish Date: 8/8/2019 5:36:48 PM
महिलाओं का अनोखा दंगल: गांव की घूंघट वाली महिलाएं दंगल में दिखाती हैं दांवपेंच

हमीरपुर। वीरभूमि बुन्देलखण्ड के हमीरपुर जिले के लोदीपुर निवादा गांव में सैकड़ों साल पुरानी परम्परा को महिलाएं आज भी पूरी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ निभा रही हैं। गांव में सिर्फ महिलाओं का दंगल होता है जिसमें पुरुषों के शामिल होने पर पूरी तरह प्रतिबन्ध रहता है। इस अजब-गजब के दंगल में घूंघट वाली महिलाएं दांवपेंच दिखाती हैं। बुजुर्ग महिलाएं भी अखाड़े में पूरे उत्साह के साथ कुश्ती लड़ती हुई एक दूसरे को अखाड़े में उठा-उठाकर पटकती है। रक्षाबंधन पर्व के अगले दिन सैकड़ों बरस पुरानी प्रथा को आगे बढ़ाते हुये महिलाओं का अनोखा दंगल होगा जिसके लिये तैयारियां अब शुरू कर दी गयी हैं। 

 
ब्रिटिश हुकूमत के दौरान अंग्रेजी फौजों ने यहां के लोगों पर जुल्म ढाये थे। उनके खिलाफ जब विद्रोह की आग भड़की थी तो महिलाओं ने भी कुश्ती में दांवपेंच सीखे थे। मुस्करा क्षेत्र के लोदीपुर निवादा एक ऐसा गांव है जहां सैकड़ों बरस पूर्व महिलाओं के दंगल की शुरुआत हुई थी। सैकड़ों साल पुरानी प्रथा को आगे बढ़ाते हुये महिलाओं ने दंगल करने की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। दंगल का शुभारंभ गांव की सरपंच करेंगी। पूर्व ग्राम प्रधान ने बताया कि दंगल के आयोजन से पूर्व समूचे क्षेत्र में महिलाएं जवारे निकालकर मंगल गीत गाती हैं। फिर महिलाएं गांव की परिक्रमा करती हैं। दंगल के अखाड़े में महिलाएं मुगदर भांजती हुयी अपनी कला का प्रदर्शन करती हैं। दंगल में घूंघट वाली महिलाओं में भी कुश्ती भी करायी जाती है जिसे देखने के लिये आसपास के ग्रामों से बड़ी संख्या में महिलाएं भी आती हैं। 
 
दंगल के आयोजन की तैयारियां भी गांव की महिलाएं ही करती हैं। इसमें पुरुषों की कोई मदद नहीं ली जाती। दंगल में ढोल बजाने के लिये पुरुष को नहीं बुलाया जाता। महिलाएं ही कुश्ती के दौरान ढोल बजाने के साथ ही पुरुषों पर नजर भी रखती हैं। निवादा गांव निवासी समाजसेवी अखिलेश कुमार पाठक ने बताया कि यहां गांव में महिलाओं का दंगल हर साल रक्षाबंधन के अगले दिन होता है जो अपने आप में अनोखा है। इस बार दंगल गांव में पुरानी बाजार में होगा जिसके लिये तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। दंगल में दांवपेंच दिखाने वाली महिलाओं की सूची भी तैयार हो रही है। उन्होंने बताया कि इस अनोखे दंगल का शुभारंभ दोपहर से होगा जिसका समापन शाम को होगा। 
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS