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मोतिहारी
रक्सौल नगर परिषद सभापति उषा देवी की कुर्सी बची, कोरम के अभाव में अविश्वास प्रस्ताव खारिज
By Deshwani | Publish Date: 18/6/2019 11:00:00 PM
रक्सौल नगर परिषद सभापति उषा देवी की कुर्सी बची, कोरम के अभाव में अविश्वास प्रस्ताव खारिज

 रक्सौल। अनिल कुमार।

 कई महीनों की गहमा-गहमी, हाई वोल्टेज ड्रामा व भाग-दौड़ के बाद नगर परिषद‍् की सभापति उषा देवी पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव मंगलवार को आखिरकार कोरम के अभाव में खारिज कर दिया गया। 
 
इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सभी 15 पार्षद नदारद दिखें। परन्तु जब अविश्वास प्रस्ताव को जब खारिज कर दिया गया तब 15 में से एक पार्षद कुंदन सिंह पहुँचे। उन्होंने अपना हस्तक्षार किया। जबकि कार्यपालक पदाधिकारी ने उन्हें समय सीमा खत्म होने के कारण हस्ताक्षर करने से रोका, परन्तु कुछ पार्षदों के कहने से श्री सिंह का हस्ताक्षर लिया गया। 

कार्यपालक पदाधिकारी गौतम आनंद द्वारा जारी पत्र में कहा गया था कि 18 जून को 11 बजे से उपसभापति काशिनाथ प्रसाद की अध्यक्षता में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। लेकिन तय समय सीमा तक बैठक की अध्यक्षता करने वाले उपसभापति काशीनाथ प्रसाद सदन से गायब रहे। जिसके बाद अधिकारी द्वारा बिना चर्चा के ही बैठक समापन की घोषणा कर दी गयी। 

इस बैठक की अध्यक्षता के बारे में जब कार्यपालक पदाधिकारी श्री आनन्द से पूछा गया तो उन्होने कहा कि यह वे नहीं बता पायेगें। हालांकि उन्होने कहा कि उपसभापति इस बैठक में अनुपस्थित थे। उन्होंने कहा कि बाकी जानकारी बड़ा बाबू के आने के बाद प्रस्ताव लिखने के पश्चात बताएंगे। जब उनसे पूछा गया कि बैठक समाप्त होने के बाद तक प्रस्ताव नहीं लिखा जा सका है। तो उन्होने स्वीकार करते हुए कहा कि उसे लिख लिया जाएगा। वहीं इस दौरान अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाने वाले पार्षदों में वार्ड 2 के पार्षद सुभाष सिंह, वार्ड 4 की अर्चना देवी, वार्ड 5 के जितेन्द्र दत्ता, वार्ड 6 के घनश्याम प्रसाद, वार्ड 8 की हसिना खातून, वार्ड 12 के रोहिणी साह, वार्ड 16 के मो. अब्बास,  वार्ड 20 की उषा देवी व वार्ड 22 के सुगंती देवी मौजूद थी। बैठक के लिए दंडाधिकारी मिथलेश कुमार मेहता को प्रतिनियुक्त किया गया था। वहीं जब अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षद के उपस्थित नहीं होने पर अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद नगर सभापति उषा देवी व उनके समर्थकों द्वारा खूब जश्न मनाया गया। वहीं प्रस्ताव खारिज होने के बाद जब सभापति की कुर्सी बच गयी और 1 साल का और समय मिल गया तो मुख्य रूप से अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले पार्षद अचानक उपस्थित होकर वे भी जश्न में शामिल हो गए। इस दौरान सभी पार्षद एक दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दिया। मजेदार बात यह रही कि अविश्वाश प्रस्ताव लाने वाले पार्षद ही बाद में जश्न मनाते दिखें। जिसमें मुख्य रूप से अमुल नेशा, कन्हैया सर्राफ, रवि गुप्ता, राजकिशोर प्रसाद, संजय कुमार, प्रेमचंद्र कुशवाहा, खुश्बू दयाल व भारी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे। उधर कुछ पार्षदो ने बैठक के इस कार्रवाई के वीडियोग्राफी की माँग की है।
पुन: बैठक बुलाने की मांग-
अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक रद‍्द होने के बाद पार्षद मो. अब्बास, जितेन्द्र कुमार दत्ता व धनश्याम प्रसाद ने कार्यपालक पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन देकर अविश्वास प्रस्ताव के कार्रवाई की वीडियोग्राफी की सीडी व कार्रवाई पंजी शीघ्र देने की मांग की है। इसके उपरांत एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि नगर परिषद‍् कार्यालय के पत्रांक 562 दिनांक 12 जून को कार्यपालक पदाधिकारी ने पत्र जारी कर कहा था कि सभापति पर अविश्वास प्रस्ताव की बैठक 18 जून को है। जिसकी अध्यक्षता उपसभापति काशीनाथ प्रसाद करेगें। लेकिन काशीनाथ प्रसाद सदन से अनुपस्थित रहें। कार्यपालक पदाधिकारी ने किसी को अध्यक्ष नहीं चुना व बहस भी नहीं हुई और सीधे कोरम के आभाव में अविश्वास प्रस्ताव खारिज करने की घोषणा हो गयी। जो नियम विरूद्ध है। उन्होंने मांग की है कि कार्यपालक पदाधिकारी को पुन: बैठक की तिथि निर्धारित कर अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करानी चाहिए।
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