ब्रेकिंग न्यूज़
पश्चिम चम्पारण के बगहा में नक्सली-एसटीएफ मुठभेड़ में 4 नक्सली हुए ढेरसमस्तीपुर : बेखौफ अपराधियों ने घर में घुस युवक को गोली मार की हत्यानेपाल पुलिस ने गांजा के साथ एक युवक को किया गिरफ्तारसमस्तीपुर : तीन बैंक अधिकारी सहित 21 कोरोना संक्रमित, संख्या पहुंची 380मोतिहारी के चकिया में एक ही मुहल्ले के पांच किशोरों की डूबकर हुई मौत, एनडीआरफ की आठ सदस्यीय टीम ने शवों को ढूढ़ा, मातमकोरोना बीमारी से जंग के लिए नहीं उठे उचित कदम : शरद यादवप्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण अन्‍न योजना को नवंबर तक बढाने की मंत्रिमंडल ने दी मंजूरीराज्यों के चिकित्सकों को एम्स विशेषज्ञ कोविड-19 के बारे में मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे
मोतिहारी
महिलाओं ने मनाया वट सवित्री व्रत, मांगी मन्नतें
By Deshwani | Publish Date: 3/6/2019 11:00:00 PM
महिलाओं ने मनाया वट सवित्री व्रत, मांगी मन्नतें

रक्सौल। अनिल कुमार।

महिलाओं ने सोमवार को पूरे देश मे वट सावित्री व्रत मनाया। जिसमें स्थानीय महिलाएँ भी पीपल के पेड़ के नीचे जाकर पूजा अर्चना की। मन्नते माँगी। कहा जाता है कि यह ब्रत सौभाग्य देने वाला और संतान की प्राप्ति में सहायता होता है। भारतीय संस्कृति में यह व्रत आदर्श नारी का प्रतीक बन चुका है। वट सावित्री व्रत में 'वट' और 'सावित्री' दोनों का विशिष्ट महत्व माना गया है।


 पीपल की तरह वट या बरगद के पेड़ का भी विशेष महत्व है। पुराणों में यह स्पष्ट किया गया है कि वट में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों का वास है। इसके नीचे बैठकर पूजन व व्रत कथा आदि सुनने से मनोकामना पूरी होती है। सावित्री का अर्थ वेद माता गायत्री और सरस्वती भी होता है। सावित्री का जन्म भी विशिष्ट परिस्थितियों में हुआ था। कहते हैं कि भद्र देश के राजा अश्वपति के कोई संतान न थी।

उन्होंने संतान की प्राप्ति के लिए मंत्रोच्चारण के साथ प्रतिदिन एक लाख आहुतियाँ दीं। अठारह वर्षों तक यह क्रम जारी रहा। इसके बाद सावित्री देवी ने प्रकट होकर वर दिया कि 'राजन तुझे एक तेजस्वी कन्या पैदा होगी।' सावित्री देवी की कृपा से जन्म लेने की वजह से कन्या का नाम सावित्री रखा गया। तब से यह व्रत मनाया जाता है।

image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS