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NH28A के निर्माण मामले की प्रधानमंत्री से उच्चस्तरीय जाँच की मांग, सड़क मार्ग से रक्सौल आने का न्योता
By Deshwani | Publish Date: 21/3/2018 8:16:24 PM
NH28A के निर्माण मामले की प्रधानमंत्री से उच्चस्तरीय जाँच की मांग, सड़क मार्ग से रक्सौल आने का न्योता

रक्सौल। अनिल कुमार
 विगत सात वर्षों से चल रहे NH28A (527D) के निर्माण मामले में प्रधानमंत्री से उच्चस्तरीय जाँच की मांग करते हुए प्रो. डा. स्वयंभू शलभ ने अप्रैल में उनके संभावित मोतिहारी आगमन के दौरान सड़क मार्ग से रक्सौल आने का भी अनुरोध किया है, ताकि वे यहां के विकास की वास्तविक तस्वीर और लोगों की पीड़ा को प्रत्यक्ष देख सकें। पीएमओ ने गत 20 मार्च को इस मामले में अग्रेत्तर कार्रवाई के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव दक्षिता दास को मेल भेजा है, वहीं मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग के सचिव से इस मामले में जवाब-तलब किया है।
इस अपील में उल्लेख है कि लम्बी जद्दोजहद के बाद एनएचएआई द्वारा मोटरेबल बनाने के लिए नई निर्माण कंपनी मे. जेएमसी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को कार्य आवंटित किया गया। उक्त कंपनी ने सेमरा के आसपास कुछ छिटपुट कार्य आरंभ भी किये जिससे कुछ उम्मीद जगी लेकिन फिर अचानक काम ठप हो गया। अभी पूरे सड़क खंड पर केवल मझरिया के पास एक जेसीबी दिखाई दे रहा है। इससे क्या उम्मीद की जा सकती है। इस गति से तो मोटरेबल बनाने में वर्षों लग जाएंगे। यह खेल अब समझ से परे हो गया है। लोगों के सब्र का बांध टूट रहा है। अभी रात दिन धूलकण से लोगों की जान निकल रही है, बरसात आने पर यह लाइफ लाइन पूरी तरह बंद हो जायेगी। एक दशक से लोग जान हथेली पर लेकर इस जर्जर सड़क पर सफर कर रहे हैं। आये दिन गाड़ियां पलट रही हैं, दुर्घटना हो रही है। बदहाली का शिकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग के मामले में पीएमओ द्वारा बार-बार संज्ञान लिए जाने और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, मुख्यमंत्री बिहार समेत पथ निर्माण विभाग बिहार के द्वारा तत्परता व्यक्त करने के बावजूद कार्यान्वयन पर ग्रहण लगा रहा। पूरे देश में किसी सड़क खंड का निर्माण कार्य इतने लंबे समय तक बाधित नहीं रहा। तांतिया के मामले में तीन बार एक्सटेंशन दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्य लटका रहा। अब नया टेंडर करके नई कंपनी को कार्य आबंटित किये जाने के बाद भी कार्य की दशा दिशा नहीं बदली। सात वर्षों से चल रहा यह निर्माण कार्य लापरवाही, चूक और ढुलमूल व्यवस्था का प्रत्यक्ष उदाहरण है। विदित है कि इस मामले में डा. शलभ के सार्वजनिक परिवाद के जवाब में एनएचएआई ने दि 13.2.2018 को पत्रांक 03/788 के जरिये बताया कि नई निर्माण कंपनी मे. जेएमसी कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को कार्य आवंटित किया गया है, जिसके साथ कांट्रेक्ट एग्रीमेंट हस्ताक्षर होना है। उक्त समझौता पूरा होने के बाद कार्य प्रारंभ हो जाएगा। उक्त समझौता के अंतर्गत कार्य संबंधी सभी विवरणी मौजूद होंगे। इससे पूर्व पीएमओ में दर्ज डा.शलभ के परिवाद सं PMOPG/E/2017/0584059 के आलोक में गत 8.1.2018 को एनएचएआई ने इस सड़क की स्टेटस रिपोर्ट के साथ यह स्पष्ट किया था कि मोटरेबल बनाने की निविदा निकाली गयी है। तांतिया का ठेका रद्द करने का अनुशंसा पत्र एनएचएआई द्वारा प्रधान कार्यालय भेजा गया है। मरम्मती का कार्य जनवरी 2018 के द्वितीय सप्ताह से संभावित है।

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