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बिहार
रिजल्ट देख डॉ निलेश देवरे ने अपनी माताजी को फोन किया, कहा- मां तेरा बेटा आईएएस बन गया
By Deshwani | Publish Date: 11/5/2020 11:00:00 PM
रिजल्ट देख डॉ निलेश देवरे ने अपनी माताजी को फोन किया, कहा- मां तेरा बेटा आईएएस बन गया

बिहार के मधुबनी के डीएम डॉ निलेश देवरे।

मधुबनी। आज ही के दिन यानी 11 मई 2011 की दोपहर यूपीएससी के एक अभ्यर्थी डॉ निलेश देवरे ने अपनी माताजी को फोन किया कि मां, तेरा बेटा अब आईएएस बन गया है।

 

अभी डॉ निलेश देवरे मधुबनी के डीएम हैं। उन्होंने अपने ट्वीटर हैंडल पर अपनी बड़ी ही रोचक आपबीती को शेयर किया है। जो नई पीढ़ी खासकर यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्रों को जरूर ऊर्यान्वित करेगी।

लिखा है कि आज से 9 साल पहले आज ही के दिन उनका यूपीएससी का रिजल्ट आया था। उन दिनों यूपीएससी की वेवसाइट देखने की उन्हे आदत सी हो गई थी। वैसे ही 2009 वर्ष 11 मई की दोपहर उन्होंने यूपीएससी की वेवसाइट खोली।
 
रिजल्ट की पीडीएफ ओपन करके उसमें एफ प्रेस करके उन्होंने Deore सर्च किया। यह पहले से तय था कि रिजल्ट में पहले डेवरे ही सर्च करेंगे। लिस्ट में उनका नाम था। फिर क्या था, खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सबसे पहले उन्होंने अपनी माताजी को फोन किया। उन्होंने कहा- मां, तेरा बेटा आईएएस बन गया। यह एक सपने से कम नहीं था क्योंकि फर्स्ट अटेंम्पट में जो सफल हुआ था।

 
 
फिर दूसरा फोन अपने बड़े भाई को किया। वे अस्पताल में थे। भाई से कहा कि यूपीएससी की वेवसाइट पर उनका नाम देखकर उसे डाउनलोड करें। उसे प्रिंट करके उनका नाम कन्फर्म करें। भाई ने भी रिजल्ट देखकर उन्हें कन्फर्म कर दिया। और इस तरह वे आईएएस बन गए।
 
बिहार कैडर में सासाराम, बाढ़, गया, बांका, बेतिया और बेतिया से वे मधुबनी पहुंच गए हैं। इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे। एक बात उन्होंने हमेशा हमेंशा याद रखी कि पब्लिक की सेवा करने को इस सेवा में वे आए हैं।
 
आगे वे भावुक होकर लिखते हैं-
 इसका पालन करने को वे हर संभव प्रयास भी करते हैं। प्रतिदिन कम-से-कम एक व्यक्ति का भला करने उनका लक्ष्य जरूर रहता है। उन्होंने अपने दिल की बात भी लिखी। लिखा है कि वे रोज लोगों से मिलते व देखते है। लोग कितना सच्चा झूठ बोलते हैं। उन्हे आश्चर्य होता है कि लोग कैसे बदलते हैं। यह देखकर उन्हें काफी दुख भी होता है। कई बार ज्यादा पीड़ा होती है। परंतु उन्हें यह संतोष भी होता है कि इससे रोज कुछ नया सीखने को भी मिलता है।
 
अन्तोगत्वा इस सर्विस में जो उन्हे खुशी मिलती है। वो शायद उन्हें और कहीं नहीं मिलती।
 
माता-पिता से करते हैं बेइंतहा प्यार-
अपने सर्विस से बेहद संतुष्ट होने के बाद भी उनका मन एक बात को लेकर कभी-कभार दुविधा में रहता है। इस बात को लेकर  डीएम डॉ देवरे ने काफी भावनात्मक पोस्ट किया। लिखा कि उनका कभी-कभी मन करता है कि ये सब छोड़कर वे माता-पिता के साथ रहे। खासकर वे अपने पिताजी की सेवा करे। पिताजी थोड़ा अवस्थ्य रहते हैं। माता-पिता के आशीष व स्नेह को वे इस ग्लेमर भरे सर्विस से ज्यादा अहमियत देते हैं। सचमुच अपने माता-पिता से बेइंतहा प्यार करते हैं आईएएस डॉ निलेश देवरे
 
 
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