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लोहरदगा
एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है उर्दू प्राथमिक विद्यालय नवाडीह
By Deshwani | Publish Date: 4/8/2017 9:58:26 AM
एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है उर्दू प्राथमिक विद्यालय नवाडीह

लोहरदगा, (हि.स.)। सरकार एक ओर शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने के लिए नित्य नए दावे कर रही है। वहीं शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने के कारण विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। इससे साफ पता चलता है कि शिक्षा को लेकर की गई सरकार के दावे महज खोखला साबित हो रहा है। लोहरदगा जिले के किस्को प्रखण्ड क्षेत्र के नवाडीह पंचायत अंतर्गत ग्राम नवाडीह मसजिद के समीप स्थित राजकीय उर्दू प्राथमिक विद्यालय में 10 जून 2011 से प्रतिनियोजित शिक्षक मोहम्मद जान अंसारी के बदौलत टिका हुआ है। 
प्रतिनियोजित शिक्षक जान मोहम्मद अंसारी ने बताया कि विद्यालय में कुल 127 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिसमें प्रत्येक दिन 80 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति रहती है। यहां कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई होती है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में शिक्षक की नियुक्ति नहीं होने के कारण काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विद्यार्थियों के भविष्य के साथ-साथ विभागीय स्तर के सभी प्रक्रिया को पूर्ण करने को लेकर काफी भागदौड़ करना पड़ता है। कई बार शिक्षक नियुक्ति करने की मांग और विद्यालय की स्थित वस्तु को लेकर विभाग के वरीय पदाधिकारियों को लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है लेकिन अब तक कोई पहल नहीं होने से विद्यार्थियों के अभिभावकों एवं ग्रामीणों में निराशा छाई हुई है। 
एकमात्र प्रतिनियोजित शिक्षक मोहम्मद जान अंसारी के कार्यों की न सिर्फ ग्रामीण सराहना करते हैं बल्कि विद्यार्थी और विद्यार्थियों के अभिभावक भी शिक्षक के कार्य से काफी खुश हैं। लोग विद्यालय के आस पास की साफ सफाई, शौचालय सहित पूरे विद्यालय परिसर की विधि व्यवस्था को देखकर शिक्षक की तारीफ करते नहीं थकते हैं। 
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में मात्र एक शिक्षक है और विद्यार्थी 127, इन हालात में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक शिक्षक इतने विद्यार्थियों को एक साथ कैसे पढ़ाता होगा। विद्यार्थी विद्यालय में प्रतिदिन पढ़ने के उदेश्य से जाते तो जरूर हैं लेकिन वहां शिक्षकों के अभाव में पढ़ाई सही तरीके से नहीं हो पाती है। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ऐसे गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, जो कि उनकी शिक्षा के प्रति उदासीन मंशा को जाहिर करता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन लोगों ने कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों, जिले के आलाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से भी इस संबंध में फरियाद की लेकिन अब तक कोई लाभ नहीं हुआ है। 
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