ब्रेकिंग न्यूज़
झारखंड में बिहार सहित अन्य राज्यों से आनेवाली बस की एंट्री नहीं, निजी वाहनों को भी लेना होगा ई-पासमोतिहारी के कोटवा में ट्रक व कार में भीषण टक्कर, एक की मौत चार अन्य घायल, दो की स्थित गंभीरबिहार में सोमवार से लॉकडाउन का पांचवा चरण शुरू, निजी वाहन को पास की जरूरत नहीं, बसों व अन्य वाहनों का किराया नहीं बढ़ाने का निर्देशपाकिस्तानी उच्चायोग के दो ऑफिसर कर रहे थे जासूसी, भारत ने 24 घंटे के भीतर दोनों को देश छोड़ने को कहाप्रवासियों कामगारों से भरी बस मोतिहारी के चकिया में ट्रेक्टर से टकराई, ट्रेक्टर चालक घायल, कई मजदूर चोटिल, जा रही थी सहरसासाजिद-वाजिद जोड़ी के वाजिद खान अब नहीं रहे, कोरोना की वजह से गई जानबिहार में लॉकडाउन के पांचवें चरण की हुई घोषणा, 30 जून तक बढ़ा, कोरोना संक्रमण की संख्या 6,692 हुईजमात उल मुजाहिद्दीन का आतंकी अब्दुल करीम को कोलकता एसटीएफ ने पकड़ा, गया ब्लास्ट मामले में हो रही थी खोज
बिहार
पानी के लिए तरस रही किशनगंज की जनता
By Deshwani | Publish Date: 19/5/2017 1:56:08 PM
पानी के लिए तरस रही किशनगंज की जनता

 किशनगंज। जल की शुद्धता की बात कौन करे, यहां तो खरीदकर पानी पीना आम लोगों के लिए मुश्किल है। किशनगंंज कुछ फीट पर ही जल का भंडार है। इसके बाद भी लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं है। इसी का नतीजा है कि पानी के नाम पर प्रखंड में इन दिनों पानी बिक्री के कारोबार में तेजी आयी है। 

बोतल बंद पानी 20 रुपये और लोकल कंपनी के बोतल बंद पानी 15 रुपये लीटर बेचा जा रहा है। वहीं जार में मिल रही पानी का मूल्य से 30 रुपये प्रति जार बेचा जा रहा है। आयरन युक्त जल सेवन को बाध्य लोग टेढ़ागाछ वासियों को शुद्ध जल मुहैया कराने के कई सरकारी प्रयास किए गए। मुख्यालय में लाख की लागत से बनाई गई जलमीनार अब भी नाकामयाब है। खनियाबाद महादलित टोला में लाख से लगाई गई जल संयंत्र योजना बेकार पड़ी है। 
वहीं फाराबाड़ी, धवेली, झाला, शीशागाछी, भोरहा सहित अन्य स्थानों पर लगाए गए जल संयंत्र खुद प्यासे है। सरकार के खजाने से करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद टेढ़ागाछ की जनता आयरन युक्त पानी पीने को विवश है। बेकार पड़े जल संयंत्र को देखने वाला कोई नहीं है। फीट पर ही जल का भंडार है, लाख से लगाई गई जल संयंत्र योजना बेकार पड़ी है। 
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS