झारखंड
विधायक अशोक सिंह हत्याकांड में प्रभुनाथ सिंह व दीनानाथ सिंह की सजा बरकरार, हाई कोर्ट ने खारिज की अपील
By Deshwani | Publish Date: 28/8/2020 6:12:52 PM
विधायक अशोक सिंह हत्याकांड में प्रभुनाथ सिंह व दीनानाथ सिंह की सजा बरकरार, हाई कोर्ट ने खारिज की अपील

रांची। बिहार के पूर्व सांसद प्रभु नाथ सिंह और उनके भाई दीनानाथ सिंह की उम्रकैद की सजा झारखंड हाईकोर्ट ने बरकरार रखी है। हाईकोर्ट ने इन दोनों की अपील याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि दोनों के हत्या की साज़िश में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। इस कारण दोनों की अपील खारिज की जाती है। वहीं इस मामले में प्रभुनाथ सिंह के भाई रितेश सिंह को बरी कर दिया है।

 
अदालत ने प्रभुनाथ सिंह व दीनानाथ सिंह को विधायक अशोक सिंह की हत्या के षड़यंत्र में शामिल होने की बात मानते हुए उनकी अपील खारिज की है। हजारीबाग कोर्ट ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ इन्होंने हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी। पूर्व में बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
 
झारखंड के हजारीबाग की अदालत ने बिहार के मशरख विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक अशोक सिंह की हत्या के मामले में प्रभुनाथ सिंह और उनके दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सजा के खिलाफ तीनों ने हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी। इस पर सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। 
 
ता दें कि मार्च 1995 में विधायक अशोक सिंह की बम मारकर उनके सरकारी आवास में हत्या कर दी गई थी। उस समय वे आवास पर आए लोगों से मिल रहे थे। इस मामले में उनकी पत्नी चांदनी देवी ने पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह व उनके भाइयों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। कहा गया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते विधायक की हत्या की गई है।
 
प्रभुनाथ सिंह को हराकर अशोक सिंह विधायक बने थे। इस मामले को उनकी पत्नी चांदनी देवी के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट ने हजारीबाग ट्रांसफर किया गया था। हजारीबाग की अदालत ने इस मामले में तीनों को मार्च 2017 को सजा सुनाई थी।
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