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झारखंड
अगले 6 महीनों के अंदर प्रक्रियाधीन 15,139 नियुक्तियां होंगी पूरी: मुख्यमंत्री रघुवर दास
By Deshwani | Publish Date: 6/7/2019 10:39:18 AM
अगले 6 महीनों के अंदर प्रक्रियाधीन 15,139 नियुक्तियां होंगी पूरी: मुख्यमंत्री रघुवर दास

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि कार्मिक विभाग ने विभिन्न चयन प्राधिकार के द्वारा पिछले 4 साल में विभिन्न पदों पर 45,176 लोगों की सीधी नियुक्ति करायी है। विभाग आने वाले 6 महीनों के भीतर 15,139 प्रक्रियाधीन नियुक्ति को पूरी करेगा। प्रक्रियाधीन 3676 रिक्तियों पर 2734 पद सितंबर तक तथा शेष पर दिसम्बर तक बहाली पूरी कर ली जाये। 

 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद सरकारी नियुक्ति की प्रक्रिया धीमी रही है। यही कारण है कि हर विभाग में मैन पावर की कमी थी। वर्तमान सरकार के गठन के बाद सरकारी नियुक्तियों में भी तेजी आई है। आने वाले 6 महीनों में विभिन्न विभागों की लगभग 20 हजार सरकारी नियुक्ति, जो प्रक्रिया में है उसे पूरी कर ली जायेगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री झारखंड मंत्रालय में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के कार्य की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। 
 
उन्होंने कहा कि आदिम जनजाति समाज के युवक-युवतियों को सरकारी नौकरी के लिए विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में राज्य सरकार द्वारा कट ऑफ मार्क्स में छूट दी जा रही है। उनके लिए अब विभिन्न चयन प्राधिकार द्वारा ली जाने वाली प्रतियोगिता परीक्षा में कट ऑफ मार्क्स 30फीसदी रखे जाने का निर्णय लिया गया है। शिक्षक बहाली में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के अभ्यार्थियों के लिए कट ऑफ मार्क्स 45फीसदी से घटाकर 40फीसदी तथा आदिम जनजाति के लिए 38फीसदी होगा। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद से ही आदिम जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों को उच्च शिक्षा के प्राप्ति के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य नहीं हुए थे । वर्तमान सरकार ने इन समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए लोगों को कई विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया है। इन समुदायों के भी युवक युवतियां पढ़ें और आगे बढ़े इसके लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
 
मुख्यमंत्री दास ने कहा कि राज्य में अमानत (अमीन) की बड़ी संख्या में रिक्तियां है। अमीन की रिक्तियों को भरने के लिए रांची विश्वविद्यालय में चल रहे अमीन के पाठ्यक्रम पर उत्तीर्ण छात्रों का कैंपस सलेक्शन किया जायेगा । रांची विश्वविद्यालय से जो भी बच्चे अमानत की पढ़ाई किए हैं, उन्हें कैंपस सेलेक्शन के जरिए सीधी नियुक्ति दी जाएगी।  साथ ही, अमीन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की शुरुआत होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में अमीन की भारी कमी को देखते हुए राज्य सरकार रेवेन्यू डिपार्टमेंट के साथ समन्वय बनाकर रांची के सर्ड में अमानत (अमीन) प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की शुरुआत करेगी । 
 
उन्होंने  कहा कि जिन लोगों का नाम खतियान में नहीं है उन्हें जाति प्रमाण पत्र तथा आवासीय प्रमाण पत्र के लिए प्रखंड कार्यालय दौड़ने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में सीधे ग्राम सभा की अनुशंसा या मुखिया की अनुशंसा के आधार पर जाति प्रमाण पत्र तथा आवासीय प्रमाण पत्र बनाया जा सकेगा। शहरी क्षेत्रों में वार्ड समिति की अनुशंसा पर प्रमाण पत्र निर्गत करने में सक्षम होंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने बैठक में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
 
इस बैठक में मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल, सचिव जेपीएससी रणेंद्र कुमार, उप सचिव जेएसएससी राजू रंजन, संयुक्त सचिव कार्मिक एके खेतान, संयुक्त सचिवएके सत्यजीत, संयुक्त सचिव ओम प्रकाश शाह, संयुक्त सचिव सतीश कुमार जायसवाल और उप सचिव चंद्रभूषण प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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