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झारखंड
निर्माणाधीन पथ में गुणवत्ता के साथ हो रहा खिलवाड़
By Deshwani | Publish Date: 29/5/2017 1:12:43 PM
निर्माणाधीन पथ में गुणवत्ता के साथ हो रहा खिलवाड़

जामताड़ा, (हि.स.)। पथ निर्माण विभाग द्वारा बनाई जा रही सड़क के निर्माण मैटेरियल में खुलेआम गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। करमाटाड़ मिशन मोड़ तक कुल 36 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण ईस्ट इंडिया कम्पनी द्वारा किया जा रहा है।

निर्माण कार्य में विभागीय अभियंताओं की मिलीभगत से केन्द्रीय विद्यालय एवं दक्षिण बहाल जोरिया के समीप जो गार्डवाल बनाया जा रहा है। उसमें प्राक्कलन के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है। गार्डवाल के लिए जो पत्थर का स्टैंडर्ड साइज होता है। उसमें चार सौ ग्राम तक के पत्थरों का प्रयोग एवं एक धम्मा सीमेन्ट एवं चार धम्मा बालू का मिश्रण कर ज्वाइंट को भरना है। लेकिन चार से पांच किग्रा के बोल्डर एवं एक धम्मा सीमेंट एवं दस धम्मा बालू मिलाकर गार्डवाल निर्माण किया जा रहा है। 
वहीं करमाटाड़ अंचल दुलदुलई मौजा स्थित बाराटांड गांव में जो कम्पनी का अस्थाई कैम्प बनाया गया है। वहां सीमावर्ती जिला देवघर जो सारठ अंचल के बिना डाक के बालू घाट अजय नदी स्थित नोनी घाट से चोरी के बालू का भंडारण किया गया है। बालू को नारायणपुर अंचल के बगरुडीह कैम्प डम्पर एवं हाईवा से भेजा जा रहा है। बालू के अवैध घाटों बालू का प्रयोग रोड निर्माण कम्पनी द्वारा किए जाने से राजस्व की हानि तथा अगल-बगल के गांव में अवैध बालू आपूर्ति को लेकर गुटीय संघर्ष से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है। खनन विभाग के उदासीन रवैया के कारण तथा पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के मिलीभगत से ईस्ट इंडिया कम्पनी मन के मुताबिक कार्य कर रही है।
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