ब्रेकिंग न्यूज़
रक्सौल: भाजपा सांगठनिक जिला अध्यक्ष वरुण कुमार सिंह ने जिला कार्यसमिति के चार सदस्यों को 6 वर्षों के लिए किया निष्कासितनेपाल कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य मुकेश चौरसिया की मौत के बाद नेपाल पुलिस से शिकायत दर्ज करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन जारीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर दिल्ली भाजपा ने रेड लाइट पर बैनर और प्लेकार्ड के माध्यम से कोरोना से बचाव के लिए किया जागरूकIPL 2020: सनराइजर्स हैदराबाद ने दिल्‍ली कैपिटल्‍स को जीत के लिए 220 रन का दिया लक्ष्‍यबांग्‍लादेश में नदियों, तलाबों और जलाशयों में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ दुर्गापूजा का त्‍यौहार संपन्‍नप्रधानमंत्री मोदी ने कहा- प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी, जिम्‍मेदार, जवाबदेह और विकास के लिए लोगों के प्रति उत्‍तरदायी होना चाहिएबिहार के मुंगेर में मूर्ति विर्सजन को लेकर हिंसक झड़प एक की मौत, पुलिसकर्मी सहित कई अन्य घायल, 28 को है यहां चुनावबिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए प्रचार अभियान जोरों पर
अंतरराष्ट्रीय
कोरोना वैक्सीन के ट्रायल पर जॉनसन एंड जॉनसन ने लगाई रोक, जानें क्या है वजह
By Deshwani | Publish Date: 13/10/2020 3:17:38 PM
कोरोना वैक्सीन के ट्रायल पर जॉनसन एंड जॉनसन ने लगाई रोक, जानें क्या है वजह

नई दिल्ली। दुनियाभर में वैज्ञानिक कोरोना वायरस वैक्सीन को तैयार करने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं। इसी बीच वैक्सीन को लेकर एक बुरी खबर आई है। दरअसल, कोरोना वायरस वैक्सीन को तैयार करने में जुटी अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने वैक्सीन परीक्षण पर रोक लगा दी है। कंपनी ने कहा कि परीक्षण में शामिल एक प्रतिभागी को किसी तरह की बीमारी हो गई है, जिसे देखते हुए अस्थायी रूप से परीक्षण पर रोक लगाई गई है। 

 
न्यू जर्सी स्थित इस कंपनी के प्रवक्ता जैक सार्जेंट ने स्वास्थ्य देखभाल समाचार प्रदाता स्टैट द्वारा जारी की गई रिपोर्ट की पुष्टि की गई, जिसमें कहा गया कि जॉनसन एंड जॉनसन ने परीक्षण पर रोक लगा दी है।  इस महीने की शुरुआत में, जॉनसन एंड जॉनसन अमेरिका में वैक्सीन तैयार करने वाली उन कंपनियों की सूची में शामिल हुआ, जो प्रायोगिक कोरोना वैक्सीन परीक्षण से आगे बढ़ते हुए मानव परीक्षण चरण में पहुंचा। जॉनसन एंड जॉनसन की एडी26-सीओवी2-एस वैक्सीन अमेरिका में चौथी ऐसी वैक्सीन है, जो क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में है।
 
इससे पहले, एस्ट्राजेनेका ने भी कोरोना वैक्सीन के परीक्षण पर रोक लगा दी थी। परीक्षण के दौरान एक प्रतिभागी बीमार पड़ गया था, जिसके बाद कंपनी ने परीक्षण को रोक दिया। हालांकि, एस्ट्राजेनेका का कोरोना वैक्सीन परीक्षण दुनिया के कई देशों में जारी है, इसे केवल अमेरिका में ही रोका गया है। 
 
 
 
 
वहीं, भारत की देसी कोरोना वैक्सीन (COVAXIN), जिसे भारत बायोटेक कंपनी आईसीएमआर के सहयोग से बना रही है, वह सफलता के करीब पहुंच गई है। खबरों के मुताबिक, 'COVAXIN' के अंतिम चरण का ट्रायल जल्द ही शुरू हो सकता है।  
 
भारत बायोटेक कंपनी ने 'COVAXIN' के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए भारतीय दवा नियामक 'ड्रग कंट्रोलर जनरल' से मंजूरी मांगी है। डीसीजीआई (DCGI) ने कंपनी से दूसरे चरण के ट्रायल के डाटा की मांग की है, ताकि परिणाम की समीक्षा करने के बाद तीसरे चरण के ट्रायल की मंजूरी दी जा सके। भारत बायोटेक ने हाल ही में इसके लिए आवेदन किया है।  
 
अधिकारियों के मुताबिक, हैदराबाद की भारत बायोटेक कंपनी ने बीते दो अक्तूूबर को डीसीजीआई को आवेदन देकर अपने टीके के तीसरे चरण के लिए परीक्षण की अनुमति मांगी है। कंपनी के आवेदन के मुताबिक, अंतिम चरण के इस ट्रायल में 18 साल या उससे अधिक उम्र के 28,500 लोगों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। 
 
बता दें कि कोरोना महामारी के दौर में कोविड-19 वैक्सीन की कमी महसूस की जा रही है। इसे देखते हुए दुनिया के विभिन्न देश शीर्ष दवा कंपनियों के साथ मिलकर टीका खोजने के लिए शोध कर रहे हैं। दुनिया भर के 180 से ज्यादा देशों को कोरोनावायरस अपने चपेट में ले चुका है। दुनिया में कोविड-19 संक्रमितों की कुल तादाद 3.80 करोड़ के पार पहुंच गई है। वहीं, 10.85 लाख मरीज़ इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 2.86 करोड़ से ज्यादा मरीज़ कोरोनावायरस को मात देने में सफल हुए हैं।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS