ब्रेकिंग न्यूज़
नेपाल से वतन लौट रहे करीब 400 भारतीय को बीरगंज प्रशासन ने रोका, डिटेंशन सेन्टर में खाने-पीने की व्यवस्था नहीं, कर रहे भारत बुलाने की अपीलउत्तर बिहार के ख्यातिप्राप्त सर्जन डॉ. आशुतोष शरण ने PM Cares Fund व CM Releaf Fund को दी कुल 2 लाख 50 हजार की आर्थिक सहायता, पूरी की दिली ख्वाहिशपूर्व केन्द्रीय कृषिमंत्री मोतिहारी सांसद लॉकडाउन में देशभर में फंसे सैकड़ो चंपारणवासियों को भोजन मुहैया करा रहे हैंलोगों के अनुरोध पर आपातकाल में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष - PM CARES की घोषणा, नोट करें खाता नम्बरहाइड्रो-ऑक्‍सी-क्‍लोरोक्विन कोविड- 19 में कारगर, आवश्‍यक दवा घोषित, बिक्री और वितरण नियंत्रित करने संबंधी स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की अधिसूचना जारीपूरे देश में 562 संक्रमित मामलों की पुष्टि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने की, 41 संक्रमित मरीज हुए स्वस्थईरान से एयरइंडिया के विशेष विमान से लाये गये 277 लोग आज सुबह पहुंचे जोधपुर हवाई अड्डाआज शाम प्रधानमंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी के लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करेंगे बातचीत
अंतरराष्ट्रीय
उत्तरी कोरिया ने छोटी दूरी की दो मिसाइलें छोड़ीं, बढ़ेगा तनाव
By Deshwani | Publish Date: 25/7/2019 12:45:14 PM
उत्तरी कोरिया ने छोटी दूरी की दो मिसाइलें छोड़ीं, बढ़ेगा तनाव

लॉस एंजेल्स। अमेरिका और दक्षिण कोरियाई सेनाओं के अगले महीने होने वाले संयुक्त ड्रिल के विरोध में उत्तरी कोरिया ने आज तड़के छोटी दूरी की दो मिसाइलों का प्रक्षेपण कर एक बार फिर क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। दोनों मिसाइलें 430 किलोमीटर की दूरी तय कर जापान सागर में गिरीं, जिसे पूर्वी सागर भी कहा जाता है। दक्षिण कोरियाई रक्षा विभाग ने उत्तरी कोरिया से कहा कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा।

 
अमेरिकी मीडिया के हवाले से कहा जा रहा है कि ये मिसाइलें के एन-23 की तरह थीं, जिसमें आणविक हथियार ले जाने और अमेरिका के दक्षिण कोरियाई सैन्य ठिकानों को ध्वस्त किए जाने की क्षमता थी। अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि उत्तरी कोरियाई शासक किम जोंग उन ने इन मिसाइलों के प्रक्षेपण को होते देखा है अथवा नहीं। यह टिप्पणी मिडलबरी इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ के लेविस ने की है।
 
उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच पहले से तय संयुक्त ड्रिल को क्षेत्र में शांति प्रयासों की भावना के विरुद्ध बताया है। कहा कि सिंगापुर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और किम जोंग उन के बीच वार्ता की भावनाओं के ख़िलाफ़ है।
 
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ट्रम्प और किम जोंग उन के बीच गैर सैन्य क्षेत्र में गत जून में हुई बातचीत में फिर से उच्च स्तरीय वार्ता शुरू किए जाने पर राजमंदगी ज़ाहिर की गई थी।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS