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छपरा
सदर अस्पताल में एक दिवसीय वीपीडी कार्यशाला में बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों व नर्सों को दी गयी जानकारी
By Deshwani | Publish Date: 30/8/2019 5:01:38 PM
सदर अस्पताल में एक दिवसीय वीपीडी कार्यशाला में बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों व नर्सों को दी गयी जानकारी

•  विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से आयोजित हुआ कार्यशाला

•  प्रोजेक्टर के माध्यम से दी गयी जानकारी
•  डाटा वैलिडेशन कमिटी की भी हुई बैठक

छपरा। सदर अस्पताल परिसर स्थिति क्षेत्रीय ट्रेनिंग सेंटर में शुक्रवार को (वीपीडी) वैक्सीन प्रीवेंटबल डिजिज विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. माधवेश्वर झा ने किया। प्रतिरक्षण कार्यालय व विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की ओर से कार्यशाला आयोजित की गयी।
 
कार्यशाला की अध्यक्षता डॉ. रंजितेश कुमार ने किया। इसमें टीकों से बचाव वाली बीमारी जैसे पोलियो डिप्थीरिया (गलघोटू) परट्यूसिस (काली खांसी) नियोनेटेल टिटनेस (नवजात टिटनेस) के सर्विलेंस के बारे में बताया गया। इसमें एएफपी, मिजिल्स, डीप्थीरिया, काली खांसी व नवजात टेटनस जैसे गंभीर बीमारियों के बेहतर ईलाज की जानकारी दी गयी।
 
कार्यशाला में सिविल सर्जन ने चिकित्सकों व नर्सों को इन जानलेवा बीमारियों के लक्षण, जांच के तौर तरीके व लैब सेंपल की जानकारी दी। एसएमओ (डब्लूएचओ) डा. रंजितेश कुमार ने बताया कि अगर 15 साल तक के बच्चे का कोई अंग छह माह तक लुंज या कमजोर दिखे तो ये एएफपी के लक्षण हैं।
 
लक्षण की पचहान कर बेहतर इलाज प्रबंध करें
बुखार, गले में दर्द, टांसील लाल व उसके आसपास व्हाईट व डार्क ग्रे थक्का और झिल्ली आदि गलघोटु और कम से कम दो सप्ताह से खांसी, खांसने के बाद उल्टी होना आदि काली खॉसी के लक्षण हैं। इसी तरह नवजात टेटनस के लक्षण व बचाव के बारे में बताये। उन्होने कहा कि इन गंभीर बीमारियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इन बीमारियों के लक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही मरीज में कैसे इन बीमारियों के लक्षण को तलाशेंगे और इसके क्या उपाय होंगे। इसपर विस्तार पूर्वक चर्चा की गयी। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एसएमओ डॉ. रंजितेष कुमार ने कार्यशाला में प्रोजेक्टर के माध्यम से विस्तार पूर्वक जानकारी दी।
 
कम्युनिटी को भी जागरूक करें
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. वीके चौधरी ने कहा कि कम्युनिटी को भी जागरूक करें कि कम से कम हर बच्चों को वैक्सीन जरूर दिलायें, क्योंकि वैक्सीन उपलब्ध रहने के बाद भी जानकारी के अभाव में जान चली जाती है। ऐसे मरीज दिखे तो तुरंत डब्लूएचओ व डीआईओ को जानकारी दें। इस अवसर पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. दीपक कुमार, जिला स्वास्थ्य समिति डीएमएनई भानू शर्मा, डॉ. एचसी प्रसाद, डॉ. रामइकबाल प्रसाद, डॉ. शालीग्राम विश्वकर्मा, डॉ. एसडी सिंह, यूनिसेफ के जिला समन्वयक आरती त्रिपाठी, अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद समेत अन्य चिकित्सा कर्मी मौजूद थे। 
 
डाटा वैलिडेशन कमिटी की समीक्षा बैठक
जिला स्वास्थ्य समिति में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. वीके चौधरी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय डाटा वैलिडेशन कमिटी समीक्षा बैठक की गयी। जिसमें जिले के सभी प्रखंडों से आये आंकड़ों की समीक्षा की गयी। डीआईओ ने कहा कि एचएमआईएस पोर्टल पर आंकड़ा अपलोड करने से पहले एक सही तरीके जांच करना अनिवार्य है। गलत डाटा अपलोड नहीं करें। गलत डाटा अपलोड करने वालों पर कार्रवाई की जायेगी। उन्होने कहा कि प्रखंडों में चल रहे कार्यक्रमों की निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करें। 
 
इसकी रिपोर्ट एचएमआईएस के पोर्टल पर समय अपलोड करना सुनिश्चित करेंगे। डाटा पोर्टल पर अपलोड करने से पहले प्रखंडस्तरीय बैठक कर आकंडों की जांच कर लें। ताकि किसी तरह की कोई त्रुटि नहीं रहे। इस बैठक में डब्ल्यूएचओ के एसएमाओ डॉ. रंजितेश कुमार, डीएमएनई भानू शर्मा, यूनिसेफ के एसएमओ आरती त्रिपाठी, केयर के डीटीएल संजय विश्वास, डीटीओ प्रणव कुमार कमल समेत अन्य शामिल थे।
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