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छपरा
सरयू, गंगा व गंडक नदियों के जलस्तर में वृद्धि , कई स्थानों पर कटाव शुरू
By Deshwani | Publish Date: 9/8/2017 10:59:44 AM
सरयू, गंगा व गंडक नदियों के जलस्तर में वृद्धि , कई स्थानों पर कटाव शुरू

छपरा, (हि.स.)। गंगा, गंडक तथा सरयू नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने से बाढ़ व कटाव का खतरा बढ़ गया है और कई स्थानों पर कटाव भी शुरू हो गया है जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों के होश उड़ गए। सरयू नदी का जलस्तर 24 घंटे मे आधा सेमी प्रति घण्टे की रफ्तार से बढ़ने लगा है। 
सोमवार को शाम चार बजे सरयू नदी का जलस्तर 69.74 सेमी था जो मंगलवार को शाम चार बजे खतरा बिन्दु 69.90 मीटर के करीब 69.88 सेमी हो गया। सरयू नदी खतरे के बिन्दुु से दो सेमी नीचे बह रही है। खतरे के निशान के नजदीक नदी का जलस्तर पहुंचने से प्रशासन की भी नींद ऊड़ गर्इ है। रिविलगंज प्रखंड के सिताब दियारा क्षेत्र में सरयू नदी का दबाव बढ़ गया है और कटाव शुरू हो गया है। 
नदी की भयंकर हुंकार से दहशत का माहौल कायम है। मांझी प्रखंड के ताजपुर, फुलवरिया, सलेमपुर, गड़ेया टोला समेत कई स्थानों पर तटबंधो की ओर बढ़ चली हैं। तटबंध की मरम्मत न होने से कई जगह जंगली जानवरों ने बांध में सुराख बना दिया है। चूहा की बिल जगह जगह हो गर्इ है। रिविलगंज प्रखंड के सेंगर टोला, इनई समेत कई अन्य जगहों पर भी तटबंधों की हालत जीर्ण शीर्ण बनी हुई है।
 
ऐतिहासिक धरोहरों पर बढ़ा खतरा
सरयू नदी में अचानक उफान आने से तटवर्ती क्षेत्र के लोगों में खलबली मच गर्इ है। 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर 19 सेमी बढ़ने से लोगों में दहशत व्याप्त हो गर्इ है। नदी के जलस्तर बढ़ने से मांझी प्रखंड क्षेत्र की अनेक ऐतिहासिक धरोहरो पर खतरा उत्पन्न हो गया है।
गंडक नदी भी उफान पर
नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के कारण गंडक नदी ने रौद्र रूप ले लिया है और दो दिन पूर्व बाल्मीकि नगर बैराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था जिससे गंडक नदी की धारा उफान पर है। हालांकि अब पानी का डिस्चार्ज घटते-घटते 1.88 लाख क्यूसेक हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, देर रात तक अधिक मात्रा में पानी आ सकता है। गुरुवार की दोपहर से गंडक के जलस्तर में बढ़ोत्तरी हो रही है। एक बार पानी का डिस्चार्ज बैराज पर ढाई लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। गुरुवार की रात 11 बजे 2.35 लाख तो शुक्रवार दोपहर घटकर 2.16 लाख क्यूसेक तक आ गया। शनिवार को नदी 1.88 लाख क्यूसेक पर बह रही थी, लेकिन ढाई लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज और दबाव हटाने के लिए बैराज के फाटकों को ऊपर उठाने से गंडक नदी उफना गई। इसका कारण बाल्मीकि नगर जल अधिग्रहण क्षेत्र में बारिश ने 20 वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया है। 
 
गंडक व सरयू का गंगा पर बढ़ा दबाव
गंडक व सरयू नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने से गंगा नदी पर भी दबाव बढ़ गया है और गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी है। हालांकि जिले में तीनों नदियां खतरे के निशान के नीचे बह रही है, लेकिन लगातार हो रही वृद्धि के कारण बाढ़ व कटाव का खतरा बढ़ गया है। कई क्षेत्रों में कटाव शुरू भी हो गया है।
 
कटाव रोकने में जुटे अधिकारी
नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने से हो रहे कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। संवेदनशील स्थानों पर बालू भरकर जीओ बैग का भंडारण कर दिया गया है। इसके अलावा कनीय अभियंताओं को तैनात किया गया है।
 
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