बिहार
मिथिला ग्राम दलान में जीवंत हुई स्थानीय लोक संस्कृति की विरासत
By Deshwani | Publish Date: 2/12/2018 8:50:09 PM
मिथिला ग्राम दलान में जीवंत हुई स्थानीय लोक संस्कृति की विरासत

मिथिला लोक उत्सव मे कार्यक्रम प्रस्तुत करती कलाकार। देशवाणी।

दरभंगा। देवेन्द्र कुमार ठाकुर।

 दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव में आयोजित मिथिला ग्राम दलान कार्यक्रम में क्षेत्रीय लोक संस्कृति एवं परंपराओं तथा विरासत की जीवंत तस्वीरें उभर कर सामने आईं।

 लोक कलाकारों ने लुप्त होती जा रही अपने गौरवमयी परंपरा को लोगों के सामने प्रस्तुत कर यह सिद्ध किया कि लोक संस्कृति की जड़ें आधुनिक गीत संगीत से कहीं अधिक गहराई में जाकर जमी हैं। यह आम जनमानस के हृदय की आवाज है। ग्राम दलान में शंभू प्रसाद यादव ने भुइया बख्तौर, रुदल पंजियार ने कारू खिरहर लोकगाथा को अत्यंत ही मनोहारी तरीके से प्रस्तुत किया। उषा पासवान के लोक नृत्य, बचकईंन पासवान द्वारा दुलरा दयाल सिंह की लोकगाथा, उत्तम यादव केलोरी कायन, धरोहर मंच के लोक नृत्य, सोनी स्वर शृंगार के शास्त्रीय नृत्य, धरोहर संस्कृति मंच की अद्भुत प्रस्तुतियों ने भी लोगों को बांधे रखा एवं मिथिला की गौरवमयी परंपरा से लोगों को अवगत कराया।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि मिथिला दलान का मुख्य उदेश्य यहां की विशुद्ध लोक परंपरा को न सिर्फ लोगों के बीच उभार कर सामने लाना है बल्कि इसका संरक्षण और संवर्धन भी करना है। उन्होंने कहा कि मिथिला ग्राम दलान मिथिला लोक उत्सव के विशुद्ध रूप को प्रतिबिंबित करता है। इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक गरिमा मल्लिक, उप विकास आयुक्त डॉ कारी प्रसाद महतो, अपर समाहर्ता वीरेंद्र प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी राजीव कुमार, सामान्य शाखा के प्रभारी पदाधिकारी उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ लालबाबू सिंह, उमेश राय व राम बुझावन यादव  समेत काफी संख्या में लोक संस्कृति प्रेमी जन उपस्थित थे।

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