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समस्तीपुर: एक मार्च से कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे फेज की होगी शुरुआत
By Deshwani | Publish Date: 25/2/2021 9:57:26 PM
समस्तीपुर: एक मार्च से कोविड-19 टीकाकरण के तीसरे फेज की होगी शुरुआत

फोटो: समस्तीपुर सदर अस्पताल में सेकेंड डोज का टीका लेते डीआईओ डॉ सतीश कुमार सिन्हा।

 

समस्तीपुर। उमेश काश्यप। जिले में होली से पहले आम लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य  विभाग इसकी तैयारी में लगा है। आम लोगों को वैक्सीन देने की तारीख तो मुकर्रर नहीं हुई है लेकिन जिला स्तर पर इसकी तैयारी चल रही है। टीकाकरण केंद्र पर संख्या बढ़ाने के लिए स्थान चिह्नित किए जा रहे हैं। वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर कहा है कि वह सभी प्रकार के स्वास्थ्य केंद्रों में व्यापक पैमाने पर टीकाकरण की तैयारियों के इंतजाम करें। क्योंकि मार्च में 50 साल से अधिक उम्र के और बीमार लोगों को भी टीकाकरण करने की शुरुआत की जानी है| फिलहाल जिले में दूसरे दौर का वैक्सीनेशन हो रहा है। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए चयनित जिले में स्वास्थ्य कर्मियों को पहले फेज में टीका लग चुका है। अब उन्हें दूसरे दौर की वैक्सीन दी जा रही है। फ्रंटलाइन वर्करों को टीका देने का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। 28 फरवरी तक फ्रंटलाइन वर्करों के प्रथम पेज का वैक्सीनेशन खत्म करने का तैयारी चल रही है। स्वास्थ्य कर्मियों व फ्रंटलाइन वर्करों के बाद 50 साल से ऊपर के लोगों का नंबर आएगा।इधर, सीएस डॉ सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने जूम एप के माध्यम से सभी पीएचसी प्रभारियों को एक मार्च से संभावित तीसरे चरण के टिकाकरण की तैयारियां शुरू करने का निर्देश दिये हैं। मिली जानकारी के अनुसार तीसरे चरण में 45 वर्ष से अधिक उम्र के बीमार एवं 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोंगो की टीका दिए जाने की संभावना है।




18 साल से कम उम्र के बच्चे व गर्भवती महिलाओं को नहीं लगेगा टीका:
टीका पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है। जिले में अब तक किसी भी व्यक्ति में टीकाकरण के बाद कोई साइड इफ़ेक्ट देखने को नहीं मिला है। टीका गर्भवती, स्तनपान कराने वाली महिला और 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और बच्चियों को नहीं दिया जाएगा। वैक्सीन की प्रभावशीलता 80 से 90 प्रतिशत है। वैक्सीन बेहद कारगर है। इसके अच्छे नतीजे देखने को मिल रहे हैं।



पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज:
कोरोना वैक्सीन दो खुराक की है। पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज दी जाती है। दोनों डोज लेना जरूरी है। सभी को वैक्सीनेशन कार्यक्रम का सही से पालन करना चाहिए।वैक्सीनेशन की दूसरी डोज के 2 हफ्ते के बाद ही वायरस के खिलाफ बॉडी में पर्याप्त एंटीबॉडी बन जाती है। इस समय तक वैक्सीनेशन कराने वाले को भी कोविड व्यवहार (बिहेवियर) और गाइडलाइंस का पालन करते रहना चाहिए।




वैक्सीन सुरक्षित है, बिना डरे कराएँ करांए टीकाकरण:
देश में वैक्सीन को लॉन्च करने की अनुमति तभी मिलती है जब रेगुलेटरी बॉडी के मानक पर वैक्सीन की सुरक्षा (सेफ्टी) और प्रभाव खरा उतरता है। सेफ्टी सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर होता है। इसके लिए जितने भी जरूरी जांच और ट्रायल हैं वो वैक्सीन को लॉन्च करने से पहले सख्ती से पालन किए गए हैं। यही वजह है कि वैक्सीन सुरक्षित है, बिना डरे इसे जरूर लगवाएं।




कोरोना से ठीक हो चुके व्यक्तियों को भी टीका लेना जरूरी:
कोरोना के सक्रिय (एक्टिव) मरीज को वैक्सीन नहीं लेने की सलाह दी जाती है, क्योंकि अगर वे वैक्सीनेशन साइट पर जाएंगे तो उनकी वजह से टीका लगवाने आए अन्य लोगों को कोरोना का संक्रमण (इन्फेक्शन) होने की संभावना रहेगी । इसलिए जब ये मरीज ठीक हो जाएं तो उसके 4 हफ्ते बाद ही वैक्सीनेशन को जाएं। कोरोना से उबरे मरीजों में एंटीबॉडी अपने आप बनती है, लेकिन कब तक रहेगी, कह नहीं सकते। इसलिए ये लोग भी टीका जरूर लगवाएं। टीका इनकी इम्युनिटी को और मजबूत करेगा। कोरोना से ठीक होने के बाद भी संक्रमण की संभावना रहती है।
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