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बिहार
अररिया में कृषि पदाधिकारी के कथित अभद्र व्यवहार की जांच शुरू, चौकीदार साथ अपमानजनक व्यवहार का वीडियो हुआ वायरल
By Deshwani | Publish Date: 21/4/2020 4:37:04 PM
अररिया में कृषि पदाधिकारी के कथित अभद्र व्यवहार की जांच शुरू, चौकीदार साथ अपमानजनक व्यवहार का वीडियो हुआ वायरल

अररिया। बिहार के अररिया जिले के बैरगाछी में कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार द्वारा एक चैकीदार के साथ कथित अभद्र व्यवहार करने और उसे उठक बैठक करवाने के वायरल हुए वीडियो की जांच शुरू कर दी गयी है। कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं।

 

कृषिमंत्री ने बताया है कि चैबीस घंटे के अन्दर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी है। इधर पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि अपनी ड्यूटी कर रहे किसी भी पुलिसकर्मी  के साथ अशोभनीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।


दरअसल अररिया जिले में एक चौकीदार ने जिला कृषि पदाधिकारी की गाड़ी को चेकिंग के लिए रोकने के बाद उसे कथित रूप से उसे बुरी तरह अपमानित किया गया। वायरल वीडियो में  पदाधिकारी ने अपनी गाड़ी रोकने पर चौकीदार से उठक-बैठककरवाई। बताया जाता है कि चौकीदार की गलती इतनी थी कि उसने पदाधिकारी को पहचाने बिना उनसे पास मांगा और न देने पर 500 रुपये फाइन करने की बात कही थी।
 
वहीं वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने हमला बोल दिया है। लोगों को यह वीडियो बहुत बुरा लग। देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया। सोशल मीडिया पर लोग कमेंट कर रहे हैं कि कम से कम चौकीदार की उम्र तो देख लेते पदाधिकारी महोदय।
 
 

 पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कहा है कि इस मामले में दोषियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना के सिपाही एक तरफ जहां अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की रक्षा कर रहे है। उसी में इस तरह की घटना उनके मनोबल को तोड़ने का काम कर रही है। इसके विरोध में उन्होंने एक ट्वीट भी किया।
 
 जिससे भविष्य में ऐसा घिनौना काम कोई ना कर पाए।  तेजस्वी यादव ने भी वीडियो को ट्वीट कर बिहार के प्रशासन पर सवाल उठाये है।

बीजेपी ने की निंदा
इस मसले पर बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा है कि कृषि पदाधिकारी ने गलत किया है। शासन निश्चित तौर पर इसका संज्ञान लेगा। हम डीजीपी और डीजी (होमगार्ड) से इस जवान को सम्मानित करने की मांग करेंगे। उन्‍होंने कहा कि जवान ने अपने कर्तव्य का पालन किया है और हम उन्हें सैल्यूट करते हैं।

बिहार में अफ़सरशाही बेलगाम है। कैसे ज़िला कृषि अधिकारी एक बुज़ुर्ग होमगार्ड से उठक-बैठक करवा रहा है क्योंकि कर्तव्यपरायण होमगार्ड ने उससे गाड़ी का पास दिखाने को कहा था। हाल ही में बेगुसराय में पुलिस कस्टडी में 2 युवाओं की संस्थानिक हत्या हुई है। जनप्रतिनिधियों की कोई नहीं सुन रहा। 

आरजेडी हमलावर
आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अधिकारी पुलिसवालों का मनोबल तोड़ने का काम कर रहे हैं। यह हरकत कोरोना योद्धाओं का अपमान है। कृषि पदाधिकारी की पहुंच सत्ता के गलियारों तक है। डीजीपी मामले में तत्काल संज्ञान लें और कृषि पदाधिकारी पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।





 
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