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बिहार
बिहार में शराब तस्करी के लिए महिलाओं का किया जा रहा इस्तेमाल
By Deshwani | Publish Date: 20/4/2017 6:08:12 PM
बिहार में शराब तस्करी के लिए महिलाओं का किया जा रहा इस्तेमाल

फारबिसगंज/अररिया। ऐसा सुनने में आया है कि बिहार में शराबबंदी के बाद माफिया तत्व शराब तस्करी के लिए महिलाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं गिरफ्तार भी हो रही हैं। अररिया के जोगबनी में कुछ दिन पहले चंद पैसों की लालच में एक महिला किसी के लिए शराब ला रही थी। इस दौरान उत्पाद पुलिस ने उसे दबोच कर जेल भेज दिया। लेकिन किसी को क्या पता था कि वह एक छोटे से बच्चे को घर पर छोड़ कर शराब लेने गयी थी। जेल जाने के दूसरे दिन से ही क बच्चा मां के लिए व्यग्र हो उठा । परिजनों ने किसी तरह कोर्ट का सहारा लेकर उसके बच्चे को जेल के अंदर मां तक पहुंचाया । जिस बालपन को खुली दें चहकते नजर आना चाहिए, उसे अपनी मां के साथ जेल की काली कोठरी में बंद होना पड़ रहा है। पिछले माह ही अररिया आरएस ओपी क्षेत्र के प्रभाती नगर से पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में उसे जेल भेज दिया था । आसपास के लोगों ने महिला के तीन छोटे छोटे बच्चों की दुहाई देकर उसे उसे छोड़ने की अपील की । लेकिन कानून से बंधी पुलिस महिला को नही छोड़ पायी। अन्त में महिला के तीनों बच्चों को उनके दादी व अन्य लोगों को संभालना पड़ा।

यह कहानी केवल जोगबनी एवं प्रभाती नगर की महिला की नहीं है। बल्कि एक साल के अंदर शराब के मामले में कई ऐसी महिलाएं गिरफ्तार हुईं जिनके पास छोटे छोटे बच्चे थे। किसी ने अपने बच्चों को घर में ही छोड़कर जेल गयी तो कई ने अपने बच्चे को ही जेल में मंगवा ली।
शराबबंदी के एक वर्ष में उत्पाद विभाग एवं थाना पुलिस ने करीब 52 महिलाएं को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जबकि जिले में 35 ऐसी महिलाओं को चिन्हित किया गया है जो शराब की अभ्यस्त हो चुकी हैं। जानकारी के अनुसार चिन्हित महिलाओं में भी कई ऐसी हैं जिनके पास छोटे छोटे बच्चे हैं। ऐसी महिलाएं अपने पति के साथ शराब का कारोबार करने के साथ साथ पीने का भी काम करती हैं।
वहीं, शराब के मामले में मंडल कारा अररिया में 245 लगभग लोग जेल में बंद हैं। इनमें19 महिलाएं भी शामिल हैं जबकि आठ दिन पूर्व तक जेल में महिलाओं की संख्या 24 थी। इन महिलाओं के साथ आठ बच्चे भी शामिल हैं। ये बच्चे अपनी मां के साथ ही जेल में जीवन यापन कर रहा है। इन बच्चों में कई ऐसे है जिनकी मां हत्या की सजा काट रही है तो कई अन्य विवाद में। हालांकि जेल प्रशासन इन बच्चों का ध्यान रख रही है। लेकिन जिन बच्चों को खुले वातावरण में किलकारियां लगाना था, वही जेल की सलाखों के बीच कैदियों की आपराधिक चरित्र को देखने के लिए विवश है।
अररिया एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने बताया कि कानून सबके लिए बराबर है। कानून के तहत ही महिलओं को जेल भेजा जा रहा है। लेकिन महिलाओं को शराब के कारोबार या अन्य किसी प्रकार के अपराध से बचना चाहिए। ताकि मां के साथ उनके बच्चों को भी जेल जाने की नौबत नहीं आये।
अररिया के एसपी पोरिका ने बताया कि कई महिलाएं अपने पति के रोजगार को आगे बढ़ाने के लिए इस धंधे से जुड़ रही हैँ तो कई के गरीबी के कारण शराब के धंधे में संलिप्त हो जाती है। ऐसी महिलाओं के बीच आज जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
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