ब्रेकिंग न्यूज़
नफरत को खत्म करने, संविधान को बचाने, एन आर सी, सी ए ए जैसे काले कानून के खिलाफ भारत के गंगा-जमुनी तहजीब का नमूना है शाहीन बाग: पप्पू यादवधार्मिक कार्यक्रम में जा रहे हजारों भारतीयों को नेपाल ने करोना वायरस की आशंका से गुरुवार की रात्रि रोका, वार्ता के बाद आज मिली एन्ट्रीपुलवामा हमले के शहीदों को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलिआगर- लखनऊ एक्सप्रेस वे पर मोतिहारी की बस की भीषण दुर्घटना में मृतकों के नाम फिरोजाबाद प्रशासन ने मोतिहारी एसपी को पत्र लिखकर दिएरक्सौल में लुधियाना की नाबालिक लड़की को प्रेम जाल में फंसा कर विवाह करने के आरोप में एक युवक गिरफ्तारऔरंगाबाद में 9वी की छात्रा की हत्या, छात्रा का शव उसके ही क्लास रूम में मिलाभारत को हराकर पहली बार बांग्लादेश ने अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप जीतापटना के गांधी मैदान से सटे इलाके में ब्लास्ट होने से करीब आधा दर्जन लोग घायल
राज्य
जन्माष्टमी के मौके पर लोकनाथ मंदिर में मची भगदड़, एक की मौत, कई घायल
By Deshwani | Publish Date: 23/8/2019 1:00:07 PM
जन्माष्टमी के मौके पर लोकनाथ मंदिर में मची भगदड़, एक की मौत, कई घायल

कोलकाता। कोलकाता से सटे उत्तर 24 परगना के बसीरहाट में स्थित कोचुआ गांव के लोकनाथ मंदिर में आज जन्माष्टमी पर जलार्पण के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई। इस दौरान भीड़ द्वारा कुचले जाने से पूर्णिमा गोराई नामक एक महिला की मौत हो गई है। वह उत्तर 24 परगना जिले के राजारहाट नाई पुकुर की रहने वाली थी। मंदिर परिसर में हुई भगदड़ के बाद घायल पूर्णिमा को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना शुक्रवार तड़के घटी है। 
 
जानकारी के अनुसार जन्माष्टमी के अवसर पर लोकनाथ मंदिर में भीड़ ज्यादा थी, इस बीच मंदिर की एक दीवार टूट कर गिर पड़ी। इसके बाद भगदड़ मच गई जिसमें पूर्णिमा की मौत हो गई। वहीं प्रशासन ने 13 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। सभी घायलों को कोलकाता के सीएनएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। कई और लोगों को भी हल्की चोटें आई हैं लेकिन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत नहीं आई।
 
घायलों से मिलने के लिए आज सुबह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अस्पताल पहुंची। वहां उन्होंने मृतक के परिजनों को पांच लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। साथ ही गंभीर रूप से घायल लोगों के परिजनों को एक लाख रुपये और सामान्य घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह घटना काफी दुखद है। हर साल की तुलना में इस बार कोचुआ में अधिक भीड़ थी। वहीं बीती रात से वहां काफी अधिक बारिश भी हुई थी। बारिश से बचने के लिए लोग रास्ते के पास अस्थाई दुकानों के आसपास शरण लिए हुए थे। पास में तालाब थी। उसमें से अधिकतर लोग तालाब में गिर पड़े।" 
 
दरअसल जन्माष्टमी के मौके पर हर साल कोचुआ के लोकनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यहां बाबा लोकनाथ की मूर्ति पर जलार्पण किया जाता है। इसके लिए राज्य के कोने-कोने से लोगों की भीड़ एकत्रित होती है। इस बार भी गुरुवार रात से भीड़ एकत्रित होने लगी थी। शुक्रवार तड़के तीन बजे के करीब इतनी अधिक भीड़ हो गई थी कि पुलिस के लिए उसे संभालना मुश्किल हो गया था। लोग मंदिर की उस दीवार पर शरीर टीका कर खड़े थे, जिसकी दूसरी तरफ तालाब था। इस बीच अचानक वह दीवार टूट गई, जिससे कुछ लोग दीवार की चपेट में आ गए और कुछ तालाब में गिर गए। दीवार गिरने की घटना के बाद भगदड़ मच गई, जिसकी चपेट में आने से पूर्णिमा की मौत होने की पुष्टि की गई है। 
 
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि चार लोगों की मौत हुई है, जबकि 27 अन्य लोग घायल हुए हैं। मंदिर की दीवार कैसे गिरी पुलिस टीम इसकी जांच कर रही है। आपदा प्रबंधन और नगरपालिका की टीम भी मौके पर पुहंच गई है और मलबे को हटाने का काम जारी है। हालांकि इस दुर्घटना के बावजूद लोकनाथ मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS