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भाजपा के खिलाफ कैराना लोकसभा सीट पर खड़ा होगा बसपा उम्मीदवार, सपा करेगी समर्थन
By Deshwani | Publish Date: 16/3/2018 4:31:34 PM
भाजपा के खिलाफ कैराना लोकसभा सीट पर खड़ा होगा बसपा उम्मीदवार, सपा करेगी समर्थन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर-फूलपुर लोकसभा की 2 सीटों पर समाजवादी पार्टी ने जीत हासिल करने कर ली है। जिसके बाद अब एक और लोकसभा सीट पर बसपा-सपा मिलकर चुनाव लड़ने जा रही है। दरअसल, पश्चिमी यूपी की कैराना लोकसभा सीट भाजपा सांसद हुकुम देव के निधन के बाद खाली हुई है। सूत्रों के मुताबिक इस बार भाजपा उम्मीदवार के सामने बसपा का उम्मीदवार खड़ा होगा और उसको समाजवादी पार्टी समर्थन देगी।

 
कैसे हुआ था सपा-बसपा गठबंधन 
एक निजी समाचार पत्र के मुताबिक फरवरी महीने की शुरुआत से ही फोन पर मायावती और अखिलेश यादव के बीच उपचुनावों में साथ मिलकर उतरने की बातचीत शुरू हो गई थी। नॉर्थ-ईस्ट के चुनाव परिणाम आने के बाद दोनों दलों के 'अघोषित गठबंधन' पर अंतिम मुहर लग गई। जिस समय भाजपा पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में सरकार बना रही थी, सपा और बसपा यूपी में गठबंधन की नींव रखने में जुटी थी। इसके बाद इस नींव ने गोरखपुर और फूलपुर में सपा-बसपा गठजोड़ की पहली दीवार खड़ी कर दी।
 
मायावती ने अखिलेश से की 40 मिनट बातचीत 
बताया जा रहा है कि गोरखपुर और फूलपुर में जीत दर्ज करने के बाद बुधवार शाम को जब मायावती के घर पर अखिलेश यादव पहुंचे तो दोनों नेताओं के बीच 40 मिनट की लंबी बातचीत हुई। उधर, सियासी जानकारों का कहना है कि लखनऊ में दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई बातचीत आने वाले लोकसभा चुनावों में एक बड़े कदम का संकेत है। दोनों दलों की तरफ से भले ही कोई आधिकारिक ऐलान ना हुआ हो लेकिन सियासी गलियारों में गठबंधन की चर्चा जोरों पर है।
 
उपचुनावों ने भारतीय जनता पार्टी की नींद उड़ाई
वहीं चंडीगढ़ में बसपा संस्थापक काशीराम की जयंती पर आयोजित जनसभा में मायावती ने इस बात के संकेत भी दे दिए। मायावती ने कहा कि यूपी के उपचुनावों ने भारतीय जनता पार्टी की नींद उड़ा दी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी हर संभावना को आगे बढ़ाएगी।
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