ब्रेकिंग न्यूज़
मोतिहारी सेन्ट्रल बैंक रिजनल कार्यालय में भीषण आग, 4 घंटे के मशक्कत के बाद रात 8 बजे आग पर काबूचनपटिया, बेतिया और नौतन विधानसभा क्षेत्र में शांतिपूर्ण मतदान को प्रशासन पूरी तरह तैयार : कुंदन कुमारएनडीए के प्रत्याशी प्रमोद सिन्हा ने कहा:-अशोक सिन्हा के वीरगंज नेपाल स्थित घर से भारी मात्रा मे सोना बरामदगी की घटना से मेरा कोई सरोकार नहींरक्सौल पुलिस ने 36 लाख के चरस के साथ युवक को किया गिरफ्तारभारत-नेपाल सीमा: दशहरा पर्व मे नही खुलेगा बोर्डर, 17 को बोर्डर खुलने का खबर भ्रामकसमय रहते अगर सर्तक नहीं हुए तो आम हो जायेगी स्‍तन कैंसर बीमारी : डॉ वी पी सिंहबीरगंज में नेपाल पुलिस ने एक फ्लैट से लगभग 23 किलोग्राम सोना का बिस्किट सहित सोना का गहना और चाँदी का बर्तन किया बरामदमुकेश सहनी ने जारी की अपने उम्‍मीदवारों की सूची, कहा – प्रचंड बहुमत से बनेगी एनडीए की सरकार
नेपाल
नेपाल की भूमि पर कब्जा को लेकर चीन के खिलाफ काठमांडू में युवाओं ने किया विरोध प्रदर्शन, जमकर नारेबाजी की
By Deshwani | Publish Date: 23/9/2020 6:03:02 PM
नेपाल की भूमि पर कब्जा को लेकर चीन के खिलाफ काठमांडू में युवाओं ने किया विरोध प्रदर्शन,  जमकर नारेबाजी की

काठमांडू। चीन के द्वारा नेपाली भूमि कब्जा कर भवन बनाए जाने के खिलाफ आज काठमांडू में विरोध प्रदर्शन किया गया। काठमांडू स्थित चीनी दूतावास के बाहर युवाओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए चीन के खिलाफ जम कर नारेबाजी की। नेपाल के हुम्ला जिले में सीमा स्तम्भ से दो किमी भीतर नेपाली भूमि कब्जा करके चीन के सैनिकों ने 9 भवनों का निर्माण किया है। इतना ही नहीं वहां नेपाली नागरिकों के प्रवेश पर भी प्रतिबन्ध लगा दिया है।

 
इस खबर के बाहर आने के साथ ही नेपाल सरकार ने सभी सुरक्षा निकाय और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थलगत जानकारी के लिए भेजा था। हुला जिले के मुख्यालय से दो दिन की दूरी पर रहे लाप्चा क्षेत्र में चीन के तरफ से अनाधिकृत तरीके से इमारते बनाई गई है।
 
चीन का दावा है कि वो इमारतें जहां बनाई गई है वह चीन के ही भूभाग में पड़ता है, जबकि नेपाली पक्ष का दावा है कि 11 नंबर का सीमा स्तम्भ ही गायब कर चीन ने नेपाली भूमि अतिक्रमण करते हुए इन भवनों का निर्माण किया है। जब नेपाली अधिकारी वहां पहुंचे तो चीन ने इमारत वाली जगह पर बात करने तक से इनकार कर दिया।
 
चीन के सैन्य अधिकारियों ने बताया कि सीमा संबंधी कोई भी बात सिर्फ सीमा क्षेत्र में ही होगी। इधर चिनियाँ दूतावास के तरफ से भी एक बयान जारी कर कहा गया है कि चीन के द्वारा नेपाल की भूमि अतिक्रमण कर इमारत बनाए जाने की खबर झूठी है। नेपाल के पास अगर प्रमाण है तो चीन बातचीत के लिए तैयार है।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS