ब्रेकिंग न्यूज़
अयोध्या आतंकी हमले पर 14 साल बाद फैसला, चार दोषियों को उम्रकैद, एक बरीचमकी बुखार पीड़ितों की चिकित्सा व्यवस्था से सरकार संतुष्ट, देर से अस्पताल पहुंचने के कारण हुई ज्यादा बच्चों की मौतसड़क हादसे में बाइक सवार तीन लोगों की दर्दनाक मौत, बस में पीछे से मारी टक्करएक दिवसीय स्व अर्जुन बैठा मेमोरियल चेस प्रतियोगिता का आयोजन'गुलाबो सिताबो' की शूटिंग के लिए नवाबों के शहर लखनऊ पहुंचे अमिताभव्हील चेयर पर लोकसभा में पहुंचे मुलायम सिंह यादव, निर्धारित क्रम से पहले ली शपथसुप्रीम कोर्ट में सरकारी डॉक्टरों की सुरक्षा संबंधी याचिका पर सुनवाई टालीभारत ने फिजी को 11-0 से रौंदकर अंतिम चार में पहुंची भारतीय महिला हॉकी टीम
राष्ट्रीय
काला धन कानून संबंधी मामला: हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, केंद्र ने दाखिल की थी याचिका
By Deshwani | Publish Date: 21/5/2019 1:49:25 PM
काला धन कानून संबंधी मामला: हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, केंद्र ने दाखिल की थी याचिका

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने काले धन के खिलाफ बने कानून के अप्रैल 2016 से पहले के मामलों में लागू न होने के दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। 

 
16 मई को दिल्ली हाईकोर्ट ने इनकम टैक्स विभाग को निर्देश दिया था कि वो काले धन के मामले के आरोपी गौतम खेतान के खिलाफ अगले आदेश तक कोई भी निरोधात्मक कार्रवाई नहीं करे। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल की अध्यक्षता वाली बेंच ने इनकम टैक्स विभाग के 22 जनवरी को गौतम खेतान के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने के आदेश पर रोक लगा दिया था। 
 
गौतम खेतान ने याचिका दायर कर केंद्र सरकार के उस नोटिफिकेशन को चुनौती दी थी, जिसमें अप्रैल 2016 में लागू काले धन से संबंधित कानून को जुलाई 2015 से लागू करने का आदेश दिया गया है। गौतम खेतान की ओर से वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा था कि जब काले धन का कानून ही अप्रैल 2016 में लागू हुआ तो उसे जुलाई 2015 से कैसे प्रभावी माना जा सकता है। 
 
उन्होंने कहा था कि उनके खिलाफ उनकी संपत्तियों को लेकर कार्रवाई की गई है जो काले धन के कानून आने के पहले लागू ही नहीं होता है। लूथरा ने कहा था कि इनकम टैक्स विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में टैक्स असेसमेंट किया जाना था लेकिन असेसमेंट वर्ष 2019-20 के लिए कोई टैक्स असेसमेंट नहीं किया गया। लूथरा की इस दलील का इनकम टैक्स विभाग ने विरोध करते हुए कहा था कि जब विदेश में अघोषित संपत्ति का पता चला तो असेसमेंट पूरा होने का इंतजार करने की जरूरत नहीं थी।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS