ब्रेकिंग न्यूज़
पूर्व मंत्री यशवंत सिन्हा को श्रीनगर एयरपोर्ट से भेजा गया वापस, अन्य सदस्यों को अनुमति मिलीगंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि: कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराया, इलाके के लोग सहमेसंजीदा अभिनय के लिये मशहूर विद्या बालन की फिल्म ‘शकुंतला देवी’ का टीजर रिलीजमुख्यमंत्री योगी ने बलिया में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का किया हवाई सर्वेक्षण, बाढ़ पीड़ितों को दी सामग्रीप्रधानमंत्री मोदी ने लिया मां हीरा बेन का आशीर्वाद, साथ किया भोजनमहादलित बस्ती भंटाडीह में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, 437 मरीजों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षणचतरा में पुलिस ने टीपीसी के सबजोनल कमांडर शेखर गंझू को दबोचा, 5 लाख का था इनामबिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने पितरों की आत्मा के लिए किया पिंडदान
राष्ट्रीय
जातिवादी और सांप्रदायिक सोच की वजह से देश में बढ़ रही विकृतियां: मायावती
By Deshwani | Publish Date: 19/2/2019 5:50:34 PM
जातिवादी और सांप्रदायिक सोच की वजह से देश में बढ़ रही विकृतियां: मायावती

लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने संत रविदास जयंती के अवसर पर आज कहा कि बीजेपी द्वारा संकीर्ण, जातिवादी व साम्प्रदायिक द्वेष का व्यवहार करने के कारण ही देश में आज अनेकों प्रकार की विषमताएं व विकृतियां पहले से काफी ज्यादा बढ़ गयी हैं और समाज का तानाबाना बिखरता जा रहा है और देश की जनता का जीवन कठिन होता जा रहा है।

 
मायावती ने एक बयान जारी कर यह बातें कही। उन्होंने कहा कि आज के संकीर्ण व जातिवादी माहौल में उनके मानवतावादी संदेश की बहुत ही ज़्यादा अहमियत है और मन को हर लिहाज़ से वास्तव में चंगा करके जीवन गुजारने की ज़रूरत है। ख़ासकर सत्ताधारी पार्टी के लोगों को चाहिये कि वे केवल उन्हें स्मरण करने की रस्म नहीं निभाएं बल्कि इससे पहले अपने मन को संकीर्णता, जातिवाद व साप्रदायिकता आदि से पाक करें क्योंकि छोटे मन से कोई भी बड़ा नहीं हो सकता।
 
उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग सत्ता में रहने के बावजूद हर समस्या का राजनीतिकरण करके केवल लम्बी-चैड़ी बयानबाज़ी व लोगों को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करने की कोशिश में ही लगातार लगे रहते हैं और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के अति-घातक आतंकी हमले के मामले में भी देश में हर तरफ यही दिखाई पड़ रहा है। बीजेपी को समझना चाहिये कि इस प्रकार की राजनीति से देश का कोई भला होने वाला नहीं है। इसलिये बीजेपी को देश हित के मद्देनज़र मूल तौर पर अपना रवैया बदलने की जरूरत है।
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS