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भारत को कारोबार सुगमता रैंकिंग में अगले साल ‘टॉप 50’में पहुंचाने का लक्ष्य: प्रधानमंत्री मोदी
By Deshwani | Publish Date: 18/1/2019 4:22:18 PM
भारत को कारोबार सुगमता रैंकिंग में अगले साल ‘टॉप 50’में पहुंचाने का लक्ष्य: प्रधानमंत्री मोदी

गांधीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर के निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा है कि भारत में निवेश करने का यही सही वक्त है। इस समय यहां कारोबार शुरू करने के लिए पर्याप्त ढांचागत संरचना का विकास हो चुका है और उनके निवेश की सुरक्षा के लिए भी तंत्र विकसित हो गया है। साथ ही कर सुधार के क्षेत्र में मजबूत कदम उठाया जा चुका है।

 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहां वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक सम्मेलन के नौवें संस्करण के उद्घाटन के समय संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी अंकटाड की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय भारत एफडीआई प्राप्त करने में दुनिया के शीर्ष 10 स्थानों में शामिल है। 
 
विश्व बैंक की ईज आफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने पिछले साल 65 पायदान की छलांग लगाई है। उन्होंने कहा हम इससे ही संतुष्ट नहीं हैं। हमने अपने अधिकारियों से कहा है कि इस मापदंड में भारत को शीर्ष 50 देशों की सूची में लायें।
 
उन्होंने कहा कि करोबार सस्ता हो सके, इसके लिए यहां जटिल कर कानून को आसान किया जा रहा है। पिछले दो साल में कारपोरेट टैक्स की दर 30 फीसदी से घटा कर 25 फीसदी की जा चुकी है। अप्रत्यक्ष कर के क्षेत्र में सबसे बडा कर सुधार, वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली, लागू हो चुकी है। इस क्षेत्र के कानूनों का कंसोलिडेशन एवं सिंपलीफिकेशन हो चुका है।
 
उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन की शुरुआत मोदी ने वर्ष 2003 में बतौर राज्य का मुख्यमंत्री रहते हुए की थी।
 
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में प्रशिक्षित श्रमिकों की कोई कमी नहीं है। यहां विश्व स्तर के इंजीनियरों की फौज है, अनसंधान एवं विकास या आरएंडडी के क्षेत्र में काम करने वाले वैज्ञानिकों की भारी भरकम संख्या है। साथ ही यहां मध्यम वर्ग के लोगों की संख्या में जबरदस्त विस्तार हो रहा है, मतलब यहां खरीदारों की कोई कमी नहीं है। साथ ही लोगों की खरीद की क्षमता भी बढ रही है। 
 
उन्होंने बताया कि एफडीआई में तेजी से प्रवाह बढा है। इसे बढावा देने के लिए सरकार ने अधिकतर क्षेत्र को एपफडीआई के लिए खोल दिया है। 90 फीसदी से भी ज्यादा क्षेत्र में आटोमेटिक रूट से एफडीआई को अनुमति है। तभी तो पिछले चार साल में यहां 263 अरब डॉलर का एफडीआई आया है। 
 
प्रधानमंत्री का कहना है कि यहां करोबार ही नहीं, आम जनता भी स्मार्ट हो रहे हैं। डिजिटलीकरण की तरफ तेजी से कदम बढ रहे हैं। डिजिटल पेमेंट का प्रतिशत बढा है। डीबीटी के जरिये अब सब्सिडी का भुगतान हो रहा है। ईज आफ डूइंग बिजनेस के साथ ईज आफ लाइफ के के स्तर में भी सुधार हो रहा है।
 
लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है, रोजगार के अवसरों में बढोतरी हो रही है और ढांचागत संरचना भी बढिया बन रहा है। हाल के वर्षों में सरकार ने इस ओर कुछ ज्यादा ही ध्यान दिया है। औद्योगिक सुविधाएं बढायी जा रही है ताकि भारत ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बन सके। यहां सडक तेजी से बन रही हैं, बंदरगाह, हवाई अउडा, रेल सब कुछ तेजी से बन रहा है। 
 
निवेशकों को उन्होंने कहा कि इस समय आयुष्मान भारत योजना में 50 करोड लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। इसलिए स्वास्थ्य से जुडी ढांचागत संरचना तैयार करने में काफी अवसर है। यही नहीं, देश के 50 शहरों में मेट्रो रेल बनायी जा रही है। पांच करोड मकान बनाये जा रहे हैं। हर क्षेत्र में कारोबार का काफी अवसर है।
 
इस सम्मेलन का आयोजन गांधीनगर में 18 से 20 जनवरी तक किया जा रहा है। इसमें तीन देशों के प्रमुख, सात देशों के मंत्री, 30000 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इसमें कई भारतीय और विदेशी कंपनियों के प्रमुख, सीईओ भी शामिल हो रहे हैं।
 
भारत के प्रमुख उद्योगपतियों में टाटा समूह के प्रमुख एन चंद्रशेखरन, रिलायंस के अध्यक्ष मुकेश अंबानी, आदित्य बिरला समूह के अध्यक्ष कुमारमंगलम बिरला, अदानी समूह के अध्यक्ष गौतम अदानी, टोरंट समूह के अध्यक्ष सुधीर मेहता ने प्रधानमंत्री के साथ मंच शेयर किया।
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