ब्रेकिंग न्यूज़
गुजरात व केरल की सभी सीटों सहित 13 राज्यों एवं दो केंद्र शासित प्रदेशों की 116 सीटों पर कल मतदानसातवें एवं अंतिम चरण की अधिसूचना जारी, वाराणसी सहित उत्तर प्रदेश की 13 सीटों पर होगा मतदानझूठ बोल अपनी विश्वसनीयता खो रहे हैं राहुल गांधी: निर्मला सीतारमणमानहानि केस: संजय निरुपम की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने स्मृति ईरानी को भेजा नोटिसटिक टॉक ऐप पर 24 तक फैसला करे मद्रास हाईकोर्ट, वर्ना हट जाएगा बैन: सुप्रीम कोर्टममता ने बंगाल को कंगाल और कानून व्यवस्था को किया बर्बाद: अमित शाहनिर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी के नामांकन को ठहराया वैध, प्रत्‍याशी ने उठाए थे सवालविश्व कप के लिए अफगानिस्तान की टीम घोषित, अफगान और हामिद हसन की वापसी
राष्ट्रीय
लोकपाल पर फरवरी अंत तक नाम की सिफारिश करे समिति: सुप्रीम कोर्ट
By Deshwani | Publish Date: 17/1/2019 5:37:05 PM
लोकपाल पर फरवरी अंत तक नाम की सिफारिश करे समिति: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल को लेकर अहम निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने सर्च कमेटी को निर्देश दिया है कि वह लोकपाल और सदस्यों की सूची तय करे। अदालत ने कहा कि लोकपाल और सदस्यों के नामों को अंतिम रूप दिया जाए। इसके लिए अदालत ने फरवरी तक की मियाद दी है। सुप्रीम कोर्ट ने लोकपाल की नियुक्ति को लेकर दाखिल याचिका पर 7 मार्च को सुनवाई का फैसला किया है। 
 
इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने 4 जनवरी को केन्द्र को निर्देश दिया था कि वह सितंबर 2018 से अभी तक लोकपाल खोज समिति के संबंध में उठाए गए कदमों पर एक हलफनामा सौंपे।  प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस. के. कौल की पीठ ने कहा था कि ‘‘हलफनामे में आपको लोकपाल खोज समिति गठित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी सुनिश्चित करनी होगी।’’ जब अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सितंबर, 2018 से अभी तक कई कदम उठाए गए हैं, तब पीठ ने उनसे पूछा, ‘‘आपने अभी तक क्या किया है। बहुत वक्त लिया जा रहा है।’’ 
 
अब वेणुगोपाल ने दोहराया कि कई कदम उठाए गए हैं। तब पीठ ने नाराज होते हुए कहा, ‘‘सितंबर 2018 से उठाए गए सभी कदमों को रिकॉर्ड पर लाएं।’’  एनजीओ कॉमन कॉज की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार ने खोज समिति के सदस्यों के नाम तक अपनी वेबसाइट पर अपलोड नहीं किये हैं।
 
क्या है लोकपाल का फायदा
लोकपाल के पास सेना को छोड़कर प्रधानमंत्री से लेकर नीचे चपरासी तक किसी भी जन सेवक (किसी भी स्तर का सरकारी अधिकारी, मंत्री, पंचायत सदस्य आदि) के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की सुनवाई का अधिकार होगा। साथ ही वह इन सभी की संपत्ति को कुर्क भी कर सकता है। विशेष परिस्थितियों में लोकपाल को किसी आदमी के खिलाफ अदालती ट्रायल चलाने और 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का भी अधिकार होगा।
 
image
COPYRIGHT @ 2016 DESHWANI. ALL RIGHT RESERVED.DESIGN & DEVELOPED BY: 4C PLUS