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अनिल अंबानी ने राहुल को लिखा पत्र, राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस की जानकारियां सही नहीं
By Deshwani | Publish Date: 21/8/2018 10:16:37 AM
अनिल अंबानी ने राहुल को लिखा पत्र, राफेल सौदे को लेकर कांग्रेस की जानकारियां सही नहीं

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल डील के मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को घेरने की कोशिश करते रहे हैं। उन्होंने इस सौदे से अनिल अंबानी की कंपनी को हजारों करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। लेकिन अनिल अंबानी ने अब राहुल को दूसरा लेटर लिखकर यह दावा किया है कि 'कुछ निहित स्वार्थी तत्वों और कॉरपोरेट प्रतिद्वंद्वियों ने कांग्रेस को गलत जानकारी दी है तथा उसे गुमराह किया है।
पूरे पत्र में अंबानी ने सिलसिलेवार तरीके से राहुल गांधी की तरफ से लगाये जा रहे एक एक आरोपों का जवाब है। अनिल अंबानी ने यह भी कहा है कि भारत सरकार ने राफेल ने जो 36 युद्धक विमान खरीदने का फैसला किया है वे पूरी तरीके से फ्रांस में ही निर्मित होंगे। उनका निर्माण रिलायंस और फ्रांस की कंपनी डसो मिल कर नहीं कर रही हैं। इसलिए उनकी कंपनी के अनुभवहीन होने का जो आरोप लगाया जा रहा है वह पूरी तरह से बेबुनियाद है। अनिल अंबानी ने इस संबंध में पिछले साल दिसंबर में भी पत्र लिखा था।
बीते सप्ताह लिखे गए अपने पत्र में अंबानी ने यह भी लिखा है कि रक्षा मंत्रालय की तरफ से भी रिलायंस की किसी कंपनी को उक्त 36 विमानों से संबंधित कोई निर्माण का ठेका नहीं दिया गया है। ऐसे में उनकी कंपनी पर हजारों करोड़ रुपये का ठेका हासिल करने का जो आरोप लगाया जा रहा है वह बिल्कुल बेबुनियाद है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि एडीएजी समूह का लड़ाकू विमान निर्माण में कोई अनुभव न होने के बावजूद उसे 45,000 करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया गया। इसके जवाब में अनिल अंबानी ने कहा, '36 राफेल विमानों के लिए भारत में खरीद जाने वाले एक रुपये के भी, एक भी कम्पोनेंट का निर्माण रिलायंस द्वारा नहीं किया जाएगा।
अंबानी ने कहा, 'हमारी भूमिका ऑफसेट निर्यात और अन्य निर्यात जवाबदेही तक सीमित है। इसमें बीईएल और डीआरडीओ जैसी सार्वजनिक कंपनियों के अलावा 100 से ज्यादा मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यम शामिल होंगे। इससे भारत की विनिर्माण क्षमता मजबूत होगी और यह खुद 2005 से यूपीए सरकार द्वारा चलाई जा रही ऑफसेट नीतियों के अनुरूप ही है।
इस आरोप पर कि साल 2015 में राफेल सौदे की घोषणा से 10 दिन पहले ही रिलायंस डिफेंस का गठन हुआ था, अंबानी ने कहा, 'रिलायंस समूह ने दिसंबर 2014-जनवरी 2015 में ही डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में उतरने की घोषणा कर दी थी। फरवरी 2015 में हमने बस भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों को यह बताया कि कंपनी का गठन कर लिया गया है।
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